
कबीरधाम /पंडरिया /प्रवक्ता.कॉम 18 मार्च 2026
सड़क निर्माण में काटे जाएंगे 269 पेड़,बदले में एक भी पेड़ नहीं लगाएंगे।10 गुना पौधे लगाने की मांग।
पंडरिया-नगर से गुजरने वाली नेशनल हाइवे 130A में मुंगेली मार्ग के पेट्रोल पंप से रौहा तक करीब 3 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है।सड़क किनारे के लगे 269 हरे पेड़ को काटने के लिए नेशनल हाईवे द्वारा चिन्हांकित किया गया है।जिसमें 50 वर्ष से अधिक अर्जुन सहित कदम्ब ,शीशम व नीम के पेड़ शामिल हैं।बताया जा रहा है कि सड़क किनारे नाली निर्माण के लिए पेड़ काटे जाएंगे।इन पौधों को नगर के पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा तैयार किया गया था,जो लोगों को छाया प्रदान कर रहे थे।किसी भी निर्माण में काटे जाने वाले पेड़ के बदले वृक्षारोपण का प्रावधान रहता है।लेकिन बताया जा रहा है कि इन पेड़ों के बदले एक भी पेड़ नहीं लगाए जाएंगे।नेशनल हाईवे के एसडीओ ए आर पैगवार ने बताया कि नगर में सड़क निर्माण के लिए 269 पेड़ काटे जाएंगे।इसके बदले पेड़ लगाने का कोई प्रावधान नहीं है।वन विभाग से यदि मांग करने पर बजट दिया जाता है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल लिखेगा केंद्रीय मंत्री को पत्र
पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्था पर्यावरण संरक्षण मंडल पंडरिया ने इस निर्माण के एवज में पर्यावरण के विनाश पर आपत्ति जाहिर की है । इससे सड़क की सुंदरता के साथ साथ इतने वर्षों से यहां के निवासियों का जो लगाव और अपनापन है वह हमेशा के लिए नष्ट हो जायेगा। संरक्षण मंडल एक बैठक आयोजित कर नेशनल हाईवे निर्माण से जुड़े उच्चाधिकारियों से चर्चा कर इन पड़ों के शिफ्टिंग की मांग करेगा । साथ ही साथ केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इन पड़ों को बचाने के लिए पत्र खिलकर अनुरोध किया जाएगा। स्थानीय विधायक को भी इस कार्य में सहयोग की उम्मीद है।
पेड़ लगाया जाए एन एच के कई प्रोजेक्ट में है प्रावधान
10 गुना पौधारोपण की मैंग-नगरवासी व पर्यावरण संरक्षण समिति के पेड़ काटने के बदले काटे गए पेड़ो की संख्या के 10 गुना पेड़ लगाने ली मांग की है।पेड़ नहीं लगाने पर पेड़ नहीं काटने देने तथा कोर्ट व एनजीटी में शिकायत करने की बात कही है।पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्य मोहन राजपूत,अनुराग ठाकुर,गोविंद रजक,हमीद खान,विद्या चन्द्राकर, एस एल कुर्रे,राजीव श्रीवास्तव,मोहन ठाकुर,मुकेश कौशिक,गलीराम बंजारे,आशीष मिश्रा सहित सभी सदस्यों ने शासन से मांग की है कि जितने पेड़ काटे जाएंगे उसका 10 गुना पौधा लगाने पर पेड़ काटे जाएं अन्यथा एक भी पेड़ काटने नहीं दिया जाएगा।





