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कबीरधाम में दिवंगत शिक्षा कर्मियों के 39 परिवार आज भी बेसहारा भटक रहे विधानसभा अध्यक्ष डिप्टी सीएम सहित 50 से अधिक नेताओं से मुलाकात का नतीजा सिर्फ आश्वासन

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं डॉक्टर रमन सिंह , अरुण साव, ओपी चौधरी, बृज मोहन अग्रवाल ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया था। साथ ही उनके द्वारा सरकार बनने पर अनुकंपा नियुक्ति देने का वादा किया था। पीड़ित परिवारों का कहना है कि सरकार बनने के बाद अब ढाई साल बीत चुके हैं,लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। कई बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित मंत्रियों से मुलाकात के बावजूद सिर्फ जल्द अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी कहकर आश्वासन ही मिला है

रायपुर /कबीरधाम प्रवक्ता .कॉम 28 मार्च 2026

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अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे 39 परिवार अनुकंपा नियुक्ति के लिए पीड़ित परिवारों का सब्र टूटने की कगार पर।
छत्तीसगढ़ में दिवंगत शिक्षा कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह सहित उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा अरुण साव से मुलाकात कर जल्द अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के जिले में ही 39 पीड़ित परिवार पिछले ढाई साल से अनुकंपा नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहे हैं।


पीड़ित परिवारों का आरोप है कि वे अब तक 40 से 50 बार जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं।लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।परिवारों के आश्रितों का कहना है कि उपमुख्यमंत्री स्तर तक बात पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रभावित कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद चौबे ने बताया कि कांग्रेस शासन काल में इस मांग को लेकर 307 दिनों तक बड़ा आंदोलन चला था।इस दौरान कई रैलियां निकली गई और एक महिला शांति साहू ने विरोध स्वरूप मुंडन तक कराया था। उस समय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं डॉक्टर रमन सिंह , अरुण साव, ओपी चौधरी, बृज मोहन अग्रवाल ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर समर्थन दिया था। साथ ही उनके द्वारा सरकार बनने पर अनुकंपा नियुक्ति देने का वादा किया था।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि सरकार बनने के बाद अब ढाई साल बीत चुके हैं,लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। कई बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित मंत्रियों से मुलाकात के बावजूद सिर्फ जल्द अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी कहकर आश्वासन ही मिला है।
प्रदेश अध्यक्ष माधुरी मृगे के नेतृत्व में भी कई बार शासन प्रशासन से बातचीत की गई, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।अब पीड़ित परिवारो ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐलान किया है।वे उप मुख्यमंत्री के बंगले में धरना देंगे और जब तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाएगी वहां से नहीं हटेंगे।
परिवारो का कहना है कि वे कोई बड़ी मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी योग्यता के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरी चाहते हैं। उनका सवाल है कि जब वादा किया गया था, तो अब न्याय मिलने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
यदि जल्द ही सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो पीड़ित परिवारों ने बड़े आंदोलन और प्रदेश में महिला मुंडन की चेतावनी दी है।

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