छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों के 79 माह के मंहगाई भत्ता एरियर्स पर शासन ने मारी डंडी – भूपेंद्र बनाफर

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 26 अगस्त 2025
छत्तीसगढ़ सर्व शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बनाफर ने महंगाई भत्ते के संदर्भ में जारी आदेश की आलोचना की है उन्होंने कहा है कि सरकार कर्मचारियों के साथ न्याय नहीं कर रही है।
सातवें वेतन आयोग लागू होने के बाद से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महँगाई भत्ता/महँगाई राहत (DA/DR) की किश्तें समय–समय पर स्वीकृत की जाती रही हैं, किंतु इनका भुगतान प्रायः विलंब से हुआ है। आदेशों के अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है कि वर्ष 2017 से 2025 तक कुल लगभग 79 माह का एरियर राज्य कर्मचारी अधिकारियों का लंबित है जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं छ ग राज्य विद्युत् मण्डल के कर्मचारी अधिकारियों को नियत समय पर मंहगाई राहत प्रदान किया गया है।
विस्तृत विवरण इस प्रकार है –
सत्र 2017
01 जनवरी 2017 का DA – 10 माह विलंब से (जुलाई 2017 से दिया गया, आदेश मई 2018)।
सत्र 2018
01 जनवरी 2018 का DA – 12 माह का एरियर, आदेश मार्च 2019।
01 जुलाई 2018 का DA – 8 माह का एरियर।*
सत्र 2019
01 जनवरी 2019 का DA – 7 माह का एरियर, अगस्त 2019 से दिया गया।
सत्र 2020-2021
कोरोना काल (01 जुलाई 2020 व 01 जनवरी 2021) – का लगभग 16 से 18 माह तक मंहगाई भत्ते /राहत स्थगित रखा गया।
सत्र 2021
01 जुलाई 2021 का DA – 10 माह का एरियर, आदेश मई 2022।
सत्र 2022फ्रिज
सत्र 2023
01 जुलाई 2023 का DA – 8 माह का एरियर, आदेश मार्च 2024।
सत्र 2024
01 जनवरी 2024 का DA – 9 माह का एरियर, आदेश अक्टूबर 2024।
01 जुलाई 2024 का DA – 8 माह का एरियर, आदेश मार्च 2025।
सत्र 2025
01 जनवरी 2025 का DA – 7 माह का एरियर, आदेश अगस्त 2025।
सारांश :
2017 से अब तक कुल मिलाकर लगभग 96–98 माह का एरियर कर्मचारियों–पेंशनर्स पर बनता है। वर्तमान में 01 जनवरी 2025 से स्वीकृत 8 माह का एरियर (जनवरी–जुलाई 2025) शेष भुगतान योग्य है। यदि जुलाई 2025 की वृद्धि अभी तक लागू नहीं हुई है, तो उसका एरियर भी आगे जुड़ता जाएगा।
वर्तमान मे लंबित एरियर का आकलन किया जाए तो प्रत्येक कर्मचारी अधिकारियों का पद अनुरूप 01 लाख रूपये से 03लाख रूपये तक कर्मचारी, अधिकारी एवं पेंशनरों का डी ए एरियर्स लंबित है।
भूपेंद्र बनाफर ने सरकार की मंशा पर उठाया सवाल –
छत्तीसगढ़ के कर्मचारी और अधिकारियों में 55% महंगाई भत्ते को देने के तरीके से कर्मचारी जगत में निराशा का भाव उत्पन्न हो गया है क्योंकि हर बार महंगाई भत्ता समय पर भुगतान न होना छत्तीसगढ़ में एक परंपरा बन गई है। जो पूर्व सरकार से चली आ रही है लेकिन इस परंपरा की शुरुआत कहां से शुरू हुई और इस परंपरा को आगे भी लगातार क्यों बढ़ाया जा रहा है । छत्तीसगढ़ की सरकार इस मामले में संवेदनशील नहीं है जबकि मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं है मध्य प्रदेश में महंगाई राशि का भुगतान समय पर किया जा रहा है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा इस विषय को लेकर 22 अगस्त को एक दिवस का बहुत बड़ा आंदोलन किया गया था । लेकिन सरकार को जो करना था उसने वही आदेश जारी किया । आंदोलन में जाने वाले शिक्षक एवं कर्मचारी जानना चाहते हैं , इतने बड़े बड़े कर्मचारी संगठन होकर भी लोग महंगाई भत्ता भी समय पर नहीं दिला पाए, तो फिर आंदोलन में जाने का अर्थ ही क्या रहेगा । तरह से लोग आंदोलन से विमुख होते चले जाएंगे ।कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन को इन सभी बातों का जवाब भी देना होगा नहीं तो आने वाले समय में लोगों का विश्वास आंदोलन और नेतृत्व करता के ऊपर से उठ जाएगा ।