बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिम ने हिन्दू लड़की को लव जेहाद के जाल में फांसकर मैरिज रजिस्ट्रार को दिया आवेदन समय रहते सामाजिक और हिन्दू संगठनों के दबाव के चलते नहीं मिली कामयाबी छत्तीसगढ़ में लव जेहादियों का फैलता मकड़जाल खतरनाक
छत्तीसगढ़ से कब खदेड़े जाएंगे रोहिंग्या ,सरकार को जारी करना चाहिए इनके आंकड़े , नागरिकता की पड़ताल आवश्यक, जरूरी हुआ तो एनआरसी लागू करे सरकार
(विजय सिंह ठाकुर )
कोरबा /कटघोरा/ प्रवक्ता.कॉम 25 जुलाई 25
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध तरीके से निवासरत बांग्लादेशी रोहिंग्या मुस्लिम युवक तीसीफ मेमन पिता इब्राहिम मेमन निवासी कसनिया तहसील कटघोरा जिला कोरबा में निवासरत बताया जा रहा है के द्वारा एक हिंदु लडकी को बरगलाकर लव जेहाद के अपने जेहादी मंसूबे को पूरा करने के उद्देश्य से जिला मरीज रजिस्ट्रार कोरबा को विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत पंजीयन की कार्यवाही के लिए दिनांक 23 जून 2025 को आवेदन प्रस्तुत किया था।
मामले की जानकारी लड़की के समाज प्रमुख और परिवार जन सहित हिन्दू संगठनों को लगने के बाद पुलिस अधीक्षक कोरबा को दिनांक 23 जुलाई 2025 को अलग अलग 7 हिन्दू सामाजिक प्रमुख के द्वारा मुस्लिम तौसीफ के द्वारा मैरिज रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत आशयित विवाह के आवेदन को निरस्त करते हुए कड़ी कार्यवाही करने का आग्रह किया है।


मुस्लिम युवक के संबंध में चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वह घटना के तार हिंदू युवतियों के धर्मांतरण के प्रमुख सरगना छांगुर बाबा से जुड़ा हुआ है । इसके साथ ही यह युवक परिवार सहित अवैध तरीके से भारत के छत्तीसगढ़ में बांग्लादेश से घुसपैठ कर रह रहे हैं । इस युवक और उसके परिवार की हिमाकत को देखिए अवैध तरीके से रहने के बावजूद लव जेहाद के करतूत को अंजाम देने की न केवल प्लानिंग की बल्कि उसे पूरा करने में लगभग कामयाब रहा है। समय रहते पता नहीं चलता तो कितना बड़ा अनर्थ हो सकता था उस युवती के साथ।

कब खदेड़े जाएंगे ये रोहिंग्या भारत और छत्तीसगढ़ से यहां भी एन आर सी लागू होना चाहिए–
छत्तीसगढ़ ने जितने भी अवैध तरीके से मुस्लिम रोहिंग्या, नाइजीरियाई या अन्य विदेशी नागरिक रह रहे हैं वही लोग छत्तीसगढ़ की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए हैं । छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री को इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास करने चाहिए अन्यथा छत्तीसगढ़ की मासूम लड़कियां इसी तरह से दबे पांव लव जेहादियों के चंगुल में फंसती चली जाएंगी।
छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों की होनी चाहिए पड़ताल – छत्तीसगढ़ के गांव और शहरों में अवैध तरीके से रह रहे नागरिकों पहचान सुनिश्चित करने की आवश्यकता है बढ़ते अपराध ,नशाखोरी, धर्मांतरण का जो खेल दबे पांव चल रहा है उस पर कानून को समय रहते नकेल डालने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार को असम, उत्तराखंड की तरह ही एनआर सी लागू करने के लिए कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। नक्सलवाद का जिस तरह से जड़ से इलाज हो रहा है उसी तरह के इलाज की आवश्यकता रोहिंग्या मुसलमानों के लिए भी है।