यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम रोक न्यायालय ने कहा दुरुपयोग की आशंका 19 मार्च को होगी आगामी सुनवाई

दिल्ली (लीगल टीम ) प्रवक्ता.कॉम 29 जनवरी 26
देश की सर्वोच्च अदालत ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में भेदभाव को रोकने से संबंधित यूजीसी के द्वारा बनाए गए नए नियमों पर असहमति जताते हुए रोक लगा दी है।
कोर्ट ने कहा है –
सप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ‘यजीसी प्रमोशन ऑफ़ इक्विटी रेग्यलेशंस 20२6 के प्रावधानों में प्रथम दष्टया अस्पष्टता है और इनके दरुपयोग की आशंका है
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इन नियमों को दोबारा ड्राफ़्ट करने के लिए कहा है. तब तक इन नियमों के लागू होने पर रोक रहेगी
भारत में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन या यूजीसी ने 13 जनवरी २0२6 को नए नियम जारी किए थे. ये नियम इसी विषय पर 2012 में लाग् किए गए नियमों की जगह जारी किए गए हैं
याचिका कर्ताओं की दलील
यूजीसी के नए नियमों को चनौती देने वाली याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नए नियम कुछ समहों को अलग-थलग करने वाले हैं थोडी देर चली सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि इस म्द से जुड़़े कुछ संवैधानिक और कानूनी सवालों की जांच की जानी बाकी है.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नए नियमों में “अस्पष्टता” है और उनका दरुपयोग हो सकता है
उन्होंने भारत के सॉलिसिटर जनरल तषार मेहता से कहा कि वह अदालत को एक विशेषज्ञों की समिति का सुझाव दें, जो इस मुद्दे की जांच कर सके. प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यूजीसी को इन याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।
देश भर में हो रहा था भारी विरोध –
यूजीसी के नए नियम का देश भर में भारी विरोध हो रहा है। राजपूत क्षत्रिय महासभा और करणी सेना ने सभी सर्वणों को संगठित करके सभी राज्यों में व्यापक विरोध की योजना तैयार की जिसके तहत सवर्ण छात्र ,उद्यमी , किसान ,व्यापारी सामाजिक संगठन ने विरोध में सड़कों पर उतर गए ।बिहार उत्तरप्रदेश राजस्थान हरियाणा मध्यप्रदेश के कई विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रों ने प्रदर्शन भी किया।
छत्तीसगढ़ में राजपूत क्षत्रिय समाज ने प्रधान मंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया है।





