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बस संचालक वसूल रहे मनमाना किराया जानवर की तरह ठूंस–ठूंस कर भरे जा रहे हैं यात्री बिना बस नम्बर की टिकट को क्या परिवहन विभाग वैध मानता है बड़ा सवाल?

छत्तीसगढ़ ट्रेवल्स बस सर्विस के टिकट में बस नंबर नहीं होता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। बस संचालक उन्हें बस नंबर नहीं बताते हैं और उन्हें बस में बैठने के लिए मजबूर किया जाता है, जो कि यात्रियों के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन है

रायपुर/कबीरधाम/प्रवक्ता. कॉम 13 फरवरी 2026

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कवर्धा से बिलासपुर चलने वाली छत्तीसगढ़ ट्रेवल्स  बस नंबर सी जी 09 एफ 01060 बसों में यात्रियों से अवैधानिक तारिक से किराया वसूली  का शिकार बनाया जा रहा है। बस संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं और उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी जाती है, जो कि यात्रियों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी है।

बस टिकट में बस नंबर नहीं, यात्रियों को परेशानी का सामना

छत्तीसगढ़ ट्रेवल्स बस सर्विस के टिकट में बस नंबर नहीं होता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। बस संचालक उन्हें बस नंबर नहीं बताते हैं और उन्हें बस में बैठने के लिए मजबूर किया जाता है, जो कि यात्रियों के अधिकारों का खुलेआम उल्लंघन है। बिना बस नम्बर प्रिंट किए बसों में दी जाने वाली टिकट वैध है तो जिले के परिवहन अधिकारी को इसकी जानकारी देना चाहिए नहीं हैं तो कार्यवाही करनी चाहिए। तमाम साक्ष्य बावजूद विभाग क्या करता है यह भी समय आने पर पता चल जाएगा। लेकिन जनता को सुविधाओं के नाम पर बस संचालक भेड़ बकरी से ज्यादा अहमियत नहीं देते यह तो साबित हो ही गया।

ओवरलोडिंग की समस्या, यात्रियों की सुरक्षा खतरे में

छत्तीसगढ़ ट्रेवल्स और अन्य बस सर्विस में क्षमता से अधिक यात्री ठूंस-ठूंस कर भर जा रहे हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा है और उन्हें परेशानी होती है। बस संचालक उनकी सुरक्षा की परवाह नहीं करते हैं, जो कि बहुत ही चिंताजनक है। यह बस संचालकों की यात्रियों के जीवन के प्रति लोंदरोध की एक और मिसाल है!

परिवहन विभाग की जांच सिर्फ खानापूर्ति, मिलीभगत की बू आ रही है

परिवहन विभाग की जांच सिर्फ खानापूर्ति लग रही है। यात्रियों का कहना है कि परिवहन विभाग के अधिकारी बस संचालकों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं और उन्हें अवैध रूप से अधिक किराया वसूलने की अनुमति दे रहे हैं। यह बहुत ही गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए। परिवहन विभाग को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा और बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

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