मुख्यमंत्री समन्वय से शिक्षकों का ट्रांसफर आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा स्थानांतरण पर रोक हटाए बिना आदेश हुआ जारी समन्वय में आपसी ट्रांसफर होने पर खड़े हुए सवाल?

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 03 मई 2026
छत्तीसगढ़ में इन दिनों राष्ट्रीय जनगणना का कार्य चल रहा है । केंद्रीय गृह सचिव से जनगणना में लगे कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया है।
स्थानांतरण पर रोक के आदेश को शिथिल किए बिना आदेश जारी
सामान्य प्रशासन विभाग ने भी जनगणना में लगे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाई है। इस आदेश की जारी हुए एक सप्ताह भी नहीं हुए हैं। अवर सचिव आर पी वर्मा के हस्ताक्षर से मुख्यमंत्री समन्वय के नाम पर शिक्षकों के स्थानांतरण का दौर शुरू हो गया है। इस आदेश को शिथिल करने का कोई भी आदेश जारी हुए बिना स्थानांतरण समझ से परे है।

24 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को जारी हुए आदेश


शिक्षकों के स्थानांतरण के कई आदेश सोशल मीडिया में घूम रहे हैं जो कि दिनांक 24 अप्रैल और 29 अप्रैल को जारी किए गए थे। इस स्थानांतरण से एक ही बार पता चलता है कि केवल उन्हीं शिक्षकों को ट्रांसफर का हक मिलेगा जिनकी सेटिंग है । उन्हें जो सालों से इसकी प्रतिक्षा कर रहे हैं
ट्रांसफर पर रोक के बावजूद आवासी ट्रांसफर कैसे सबसे बड़ा सवाल
छत्तीसगढ़ में इस समय 2025 से स्थानांतरण पर रोक है और स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कुछ ऐसे आदेश जारी किए गए हैं जो प्रतिबंध अवधि में किए ही नहीं जा सकते। आपसी स्थानांतरण का ऐसा आदेश जारी किया गया जिसमें शिक्षकों के आपसी आवेदन पर स्थानांतरण आदेश जारी हुआ है । जब रोक है तब विभाग ने आपसी स्थानांतरण का आवेदन किन नियमों के तहत लिया यही सबसे बड़ा सवाल है जो वो शिक्षक पूछ रहे हैं जिनका आवेदन विभाग स्थानांतरण में रोक के नाम पर नहीं ले रहा है। विभाग ही यह ज्यादा अच्छे से बता पाएगा लेकिन दिख सभी को रहा है कि स्थानांतरण किस तरह से किया गया है ।

शासकीय सेवक का नाम एवं पदनाम श्रीमती अनुरंजना खेस्स, सहायक शिक्षक ई संवर्ग का स्थानांतरण आपसी आधार पर पुष्पा पटेल, सहायक शिक्षक वर्तमान पदस्थापना शा.प्रा.शा. खारढोदी वि.ख. पत्थलगांव जिला जशपुर से शा.प्रा.शा. मंगसा के साथ किया गया है, हुए वि.ख. धरसीवां में किया गया है।
स्थानांतरण पर रोक हटाया जाना चाहिए
तरह स्थानांतरण केवल कुछ चुनिंदा शिक्षकों को फायदा पहुंचाने की कवायद मात्र है इससे प्रदेश के ऐसे शिक्षकों का क्या होगा जो सालों से स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं । वास्तव में जरूरत ऐसे ही शिक्षकों को स्थानांतरण सुविधा मिलने की जरूरत है।
कोर्ट जाने की तैयारी
मुख्य समन्वय के नाम पर हो रहे इस तरह के स्थानांतरण को कोर्ट में चुनौती देने के लिए सोमवार को कुछ शिक्षकों ने कोर्ट जाने की तैयारी भी कर ली है उनका कहना है समन्वय के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।





