अशोक सिंहल जी में विचारों की दृढ़ता और दूसरों के दुःखों के प्रति संवेदनशीलता का दुर्लभ संगम था – दत्तात्रेय होसबाले
अमित शाह ने अशोक सिंघल को बताया युवाओं का प्रेरणास्रोत, जन्मशताब्दी समारोह में जारी हुआ 'श्री राम स्तंभ' का डिजिटल लोकार्पण
नई दिल्ली / रायपुर
राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख ध्वजवाहक रहे स्व. अशोक सिंघल के जन्मशताब्दी वर्ष का भव्य शुभारंभ भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और अशोक सिंहल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अशोक सिंघल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत के युवाओं को उनके जीवन, मूल्यों और विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। अमित शाह ने कहा, “अशोक सिंहल जी ने अपना पूरा जीवन देश, समाज और भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में लगा दिया। राम जन्मभूमि आंदोलन में उनका योगदान और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव अविस्मरणीय रहेगी।”
वैदिक मंत्रोच्चार और राम स्तंभ का लोकार्पण

समारोह का शुभारंभ 100 वेदपाठी बटुकों द्वारा शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण कृतियों और परियोजनाओं का अनावरण किया गया:
कॉफी टेबल बुक:
भगवान श्री राम के जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक प्रभाव पर आधारित “मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दिव्य पदचिह्न” शीर्षक से कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया।
श्री राम स्तंभ डिजिटल लोकार्पण:
अयोध्या जिले में राम वन-गमन पथ पर स्थापित किए जाने वाले ‘श्री राम स्तंभों’ का डिजिटल लोकार्पण किया गया और ‘श्री राम स्तंभ’ की एक प्रतिकृति (रेप्लिका) का अनावरण भी हुआ।
विशेष प्रदर्शनी:
श्री सिंहल के जीवन, आध्यात्मिक मूल्यों और संगठनात्मक कार्यों पर आधारित ऐतिहासिक दस्तावेजों व तस्वीरों की एक प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रमुख विचारकों और संतों का उद्बोधन
दत्तात्रेय होसबाले (सरकार्यवाह, RSS):
संघ के सरकार्यवाह ने कहा कि अशोक सिंहल जी के भीतर विचारों की दृढ़ता और संवेदनशीलता का दुर्लभ संगम था। वे संकल्पों को संगठित और सतत कार्य में बदलने की अद्भुत क्षमता रखते थे।
स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज:
युगपुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि ने कहा कि देश की हर धरोहर की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है, यही अशोक सिंघल जी का मूल विचार था।
आलोक कुमार (अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, VHP):
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक ले जाने के संकल्प का वर्ष है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भी जताया आदर


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेकर स्व. अशोक सिंघल को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल जी के नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन ने देशभर में जनजागरण की एक नई चेतना का संचार किया था। आज अयोध्या धाम में प्रभु श्रीरामलला का भव्य मंदिर उनके अटूट समर्पण और साधना का साकार रूप है।






