इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव • शिक्षा मंत्री ने नई दिल्ली और जापान जाने वाले छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान• छत्तीसगढ़ से सामने आए लगभग 80 हजार नवाचारी विचार, चयनित बच्चों को मिली 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि
रायपुर /प्रवक्ता डॉट काम/10 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बीटीआई ग्राउण्ड परिसर स्थित एससीआरटी (SCERT) भवन के सभा कक्ष में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में इंस्पायर मानक योजना के अंतर्गत चयनित राज्य के लगभग 40 होनहार प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पहल से संचालित यह योजना बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर चमके छत्तीसगढ़ के सितारे :: शिक्षा मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के चयनित लगभग 40 विद्यार्थियों को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। इसके साथ ही, जुलाई महीने में इंस्पायर मानक प्रतियोगिता के माध्यम से राज्य के 5 प्रतिभावान बच्चों को जापान जाने और वहाँ की आधुनिक तकनीक को सीखने का ऐतिहासिक अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में जापान से लौटकर आए छात्र रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभवों को सभी के साथ साझा किया।

80 हजार आइडियाज़ के साथ छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : गजेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि इस बार छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार (Innovative Ideas) सामने आए हैं, जो बच्चों की असीमित सोच को दर्शाते हैं। ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी विभिन्न आविष्कारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर लगातार काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा को निखारने वाले अभिभावकों और शिक्षकों का भी आभार जताया।
पृष्ठभूमि नहीं, आपकी सोच और मेहनत तय करती है सफलता: डॉ. कमलप्रीत सिंहकार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। उन्होंने जोर देकर कहा:• सफलता का कोई बैकग्राउंड नहीं होता: विद्यार्थी चाहे ग्रामीण क्षेत्र से हो, आदिवासी अंचल से हो या किसी भी परिवेश से, उसे खुद को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता का आधार केवल आपकी क्षमता, मेहनत और सोच है।• भाषा सिर्फ माध्यम है: अंग्रेजी, हिंदी या छत्तीसगढ़ी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम हैं। असली महत्व विषय की समझ, ज्ञान और आपकी योग्यता का होता है।
क्या है इंस्पायर-मानक योजना?
यह योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जा रही है।• लक्षित वर्ग: कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी।• उद्देश्य: बच्चों में वैज्ञानिक और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना।•
प्रोत्साहन: चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक आइडिया पर प्रोजेक्ट या मॉडल बनाने के लिए 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते में दी जाती है। इसके जरिए बच्चे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचते हैं
इस सम्मान समारोह के दौरान लोक शिक्षण विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, चयनित छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।






