छत्तीसगढ़ में कुपोषण के खिलाफ आर-पार की जंग: शुरू होगा ‘हर-घर मुनगा’ महाअभियान • साय सरकार का बड़ा तोहफा: फरवरी-मार्च में घर-घर बटेंगे मुफ्त मुनगा पौधे, स्कूलों में बनेगी पोषण वाटिका
रायपुर /प्रवक्ता डॉट काम/15 अक्टूबर 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य सरकार एक महत्वाकांक्षी कदम उठाने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में प्रदेश भर में ‘हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ (सहजन) अभियान चलाया जाएगा। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस महाअभियान की अंतिम रूपरेखा तैयार की गई।
मुनगा (सहजन) से मिटेगा कुपोषण : बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि मुनगा की फलियों और पत्तियों में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-ए और विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है। इसे नियमित आहार में शामिल करने से कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम आसानी से की जा सकती है।

फरवरी-मार्च में घर-घर बटेंगे मुफ्त पौधे : अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है:
• नर्सरी में तैयारी: उद्यानिकी, कृषि और वन विभाग की नर्सरियों में बड़े पैमाने पर उन्नत मुनगा पौधे तैयार किए जाएंगे।
• मुफ्त वितरण: फरवरी से मार्च 2026 के बीच इन पौधों को नागरिकों को निशुल्क वितरित कर रोपण कराया जाएगा, जिसकी सीधी निगरानी सभी जिलों के कलेक्टर करेंगे।
• डिजिटल जियो-टैगिंग: पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और उनके जीवित रहने की दर पर सीधी नजर रखने के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
स्कूलों के मध्याह्न भोजन में शामिल होगी मुनगा भाजी : इस अभियान में कई प्रमुख विभागों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है :
• शाला पोषण वाटिका: राज्य के लगभग 23,500 स्कूलों, आंगनबाड़ियों, आश्रमों और छात्रावासों में मुनगा के पौधे लगाए जाएंगे। स्कूलों में ‘शाला पोषण वाटिका’ बनाकर मध्याह्न भोजन में मुनगा भाजी शामिल की जाएगी।
• स्व-सहायता समूहों का सहयोग: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ग्राम स्तर पर बाड़ियों की पहचान करेगा और महिला स्व-सहायता समूहों के जरिए जन-जागरूकता फैलाएगा।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह और पंचायत सचिव भीम सिंह समेत वन व कृषि विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।






