नागपुरविजया दशमी 2026
Trending

नागपुर– विजयादशमी उत्सव में सरसंघचालक मोहन भागवत की दो टूक- ‘षड्यंत्रों से सजग रहे समाज’, मुख्य अतिथि संजय गुप्ता ने दिया सशक्त राष्ट्र का संदेश

वंदे मातरम्' हमारा गौरव, ओटीटी और ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर जताई गहरी चिंता ​'सज्जन शक्ति जागे और समाज में द्वेष फैलाने वालों को रोके' - नागपुर में विजयादशमी उत्सव पर मोहन भागवत और संजय गुप्ता का आह्वान

नागपुर/ प्रवक्ता.कॉम

​20 अक्टूबर 2026

Join WhatsApp

नागपुर, 20 अक्टूबर 2026

​नागपुर के रेशमबाग मैदान में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वार्षिक श्री विजयादशमी उत्सव में वैश्विक चुनौतियों, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर गहन मंथन हुआ। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में देश की सुरक्षा, वैश्विक अस्थिरता और युवाओं के समक्ष उत्पन्न खतरों पर बेबाक राय रखी। वहीं, मुख्य अतिथि एवं दैनिक जागरण समूह के मुख्य संपादक संजय गुप्ता ने राष्ट्रीय चेतना और सकारात्मक पत्रकारिता के महत्व पर जोर दिया।

​समारोह की शुरुआत में संघ प्रमुख एवं मुख्य अतिथि ने संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर शस्त्र पूजन किया। इसके बाद अनुशासित पथ संचलन का अवलोकन किया गया।

​संबोधन का सार: ‘रिजीम चेंज’ और आंदोलनों के नाम पर भ्रम फैलाने की साज़िश पर चेतावनी

​सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने वैश्विक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया भर में ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) के नाम पर असंतोष और अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है।

शांतिपूर्ण आंदोलनों का उद्देश्य समाधान हो

संघ प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका मकसद समाज में अनबन या द्वेष फैलाना नहीं, बल्कि समाधान खोजना होना चाहिए। पश्चिम की नकारात्मक प्रवृत्तियों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने आगाह किया कि कुछ ताक़तें भारत के उत्थान को रोकना चाहती हैं।

वंदे मातरम्’ पर रुख स्पष्ट

डॉ. भागवत ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसे संपूर्णता और गर्व के साथ उच्च स्वर में गाने में किसी को संकोच या आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

ओटीटी (OTT) और ड्रग्स की लत पर चिंता

युवाओं में नशे की बढ़ती लत और डिजिटल माध्यमों के अनियंत्रित प्रभाव पर चिंता जताते हुए उन्होंने सरकार से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नियमन (Regulation) पर विचार करने और अभिभावकों से बच्चों में सही संस्कारों का बीजारोपण करने का आह्वान किया।

‘स्व’ और पंच परिवर्तन

संघ प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि भारत की प्रगति का आधार अपनी सांस्कृतिक अस्मिता, ‘स्व’ का बोध और सामाजिक समरसता में निहित है।

​मुख्य अतिथि संजय गुप्ता का उद्बोधन ‘सकारात्मक मीडिया और सुदृढ़ मूल्य ही भारत की शक्ति’

​कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय गुप्ता ने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष का सफर केवल एक संगठन की यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय समाज के आत्म-गौरव के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव

उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि आधुनिकता को अपनाते हुए भी देश को अपनी सांस्कृतिक धरोहर और जड़ों से विमुख नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रहित सर्वोपरि।मीडिया और समाज की दोहरी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सत्य, निष्पक्षता और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देना ही आज के समय की सबसे बड़ी मांग है।

​“विजयादशमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि असत्य पर सत्य की विजय का संकल्प है। जब तक देश का नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग नहीं होगा, तब तक भारत के परम वैभव का लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता।”

— संजय गुप्ता (मुख्य अतिथि

​

कार्यक्रम के समापन पर सरसंघचालक जी के पाथेय संबोधन के उपरांत स्वयंसेवकों ने राष्ट्रध्वज को प्रणाम कर इस वार्षिक समारोह का औपचारिक समापन किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button