केंद्रीय गृह मंत्री का तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के बड़े मायने 31 मार्च 2026 को 59 साल बाद खत्म हो जाएगा लाल आतंक इससे बड़ी सौगात बस्तर के लिए कुछ भी नहीं !

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 7 फरवरी 2026
जम्मू-कश्मीर के प्रवास के बाद आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास में नक्सल विरोधी अभियान और विभिन्न कार्यों की समीक्षा के लिए रायपुर पहुँच चुके हैं।
मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का वायदा होगा पूरा
एक्स पर गृह मंत्री ने खुद पोस्ट कर दी जानकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से देश को पूरी तरह मुक्त करने के संकल्प में हम सफलता की ओर अग्रसर हैं। साथ ही, 9 फरवरी को शांत और समृद्ध बस्तर की पहचान बने ‘बस्तर पंडुम’ में यहाँ के जनजातीय बहनों-भाइयों के बीच रहूँगा।
छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी उपलब्धि खत्म होगा आतंक का साया –
छत्तीसगढ़ में नक्सलिस्म यानि लाल आतंक का साया 1967 से है जिसे 59 साल हो गए हैं।
31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ नक्सली आतंक के अभिशाप से मुक्त हो जाएगा। यह किसी वरदान के पूर्ण होने जैसा है । बस्तर के जन जातीय खुली हवा में सांस ले सकेंगे इससे बढ़कर उन्हें कोई तोहफा कोई भी सरकार नहीं दे सकती है।
बंगाल से शुरू हुई थी नक्सली विचार धारा
पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गाँव में 1967 में हुए विद्रोह के बाद नक्सलवादी-माओवादी विद्रोह की शुरुआत हुई। इस विचारधारा का नाम इसी गाँव से लिया गया है। विद्रोह के बाद, सान्याल ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की स्थापना की।





