
रायपुर प्रवक्ता कॉम 14 फरवरी 2026
एस आई आर के चलते छत्तीसगढ़ के स्कूलों में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की पढ़ाई ठप्प पड़ी हुई है। रायपुर जिले में शिक्षक डेढ़ महीने से एस आई आर में ड्यूटी के चलते स्कूल ही नहीं आ रहे हैं ,जिससे उनके विषय की पढ़ाई पूरी तरह से ठप्प पड़ी हुई है।
कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी को पता है कि इस वर्ष मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान वर्ष चल रहा है। पालक पूछने लगे हैं जब स्कूलों में पढ़ाई ही नहीं हो रही है तो गुणवत्ता आने का फॉर्मूला क्या है।
रायपुर जिले में अकेले अधिकतर माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों के दो से तीन शिक्षकों को एस आई आर के काम में लगाया गया है।
शिक्षा मंत्री को लेना चाहिए स्टेप –
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भी पता है कि यह शिक्षा सत्र मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तौर पर घोषित है लेकिन शिक्षकों की आमद स्कूल तक नहीं हो पाई है । शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बयान दिया था कि शिक्षकों की ड्यूटी गैर शिक्षकीय कार्यों में नहीं लगाई जाएगी । स्कूलों में पढ़ाई ठप्प है यह जनता ,छात्र और पालक सभी जन रहे हैं । सवाल सिर्फ यह है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने का खामियाजा बच्चो को इस तरह कब तक भुगतना होगा।
अधूरे पड़े हैं कोर्स परीक्षा है सर पर – इस साल बिना पढ़ाई लिखाई के स्कूलों में हॉफ इयर एक्जाम हुए पेपर के बंडल फाड़ फाड़कर पेपर बांटे गए। फरवरी आधा बीत चुका है । 17 मार्च से आठवीं की परीक्षा होनी है , वो भी केंद्रीयकृत परीक्षा ऐसी स्थिति में अधूरे कोर्स को पूरा किए बिना होने वाली परीक्षा में छात्र क्या लिखेंगे। यह विभाग को स्पष्ट करना चाहिए़।
पालक कर सकते हैं बड़ा विरोध – एस आई आर की ड्यूटी से शिक्षकों को अगर जल्द स्कूल नहीं भेजा गया तो कई कई गांवों में पालक अपने बच्चों को परीक्षा देने से मना कर सकते हैं, विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी हो सकता है ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है।




