टीईटी पर संसद में केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी के बयान से भड़के शिक्षकों ने फूंका पुतला किया प्रदर्शन

प्रवक्ता.कॉम 12 फरवरी 202/ बुलंदशहर/बागपत
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी द्वारा संसद में शिक्षक भर्ती व टीईटी (TET) की अनिवार्यता को लेकर दिए गए बयान ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठनों में आक्रोश की ज्वाला भड़का दी है। बुधवार को बुलंदशहर और बागपत में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बुलंदशहर के काला आम चौराहे पर जहां जयंत चौधरी का पुतला दहन किया गया, वहीं बागपत में पुतला जलाने को लेकर पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर हुआ प्रदर्शन


बुलंदशहर के काला आम चौराहे पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। शिक्षक नेताओं ने कहा कि 20-25 वर्षों की सेवा के बाद अब 55 वर्ष की आयु में शिक्षकों को दोबारा परीक्षा के लिए मजबूर करना उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ है। जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आश्वासनों के बावजूद जयंत चौधरी का संसद में दिया गया बयान भ्रमित करने वाला और निराशाजनक है, जिससे देश के करीब 20 लाख शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटक
राष्ट्र वंदना चौक पर भी हालात तनावपूर्ण रहे

जिला मंत्री राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में शिक्षक और शिक्षिकाएं एकत्र हुए और जयंत चौधरी के पुतले को जलाने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने की कोशिश की, जिससे पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर हाथापाई और नोकझोंक हुई। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि मंत्री का जवाब शिक्षकों के उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला है।
सरकार को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि टीईटी की अनिवार्यता के नाम पर शिक्षकों का मानसिक और सेवा संबंधी उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों तक पहुंचेगा। प्रदर्शन के दौरान बाबू सिंह, सौरभ शर्मा, राजकुमार सिंह, नरेंद्र नागर और तेजप्रकाश शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।





