छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 में लगे प्रगणक और सुपरवाइजर को मिलेगा 25000 और 35000 मानदेय प्रशिक्षण भत्ता भी निर्धारित भारत सरकार ने जारी किया दिशा निर्देश
यूनियन कैबिनेट ने आने वाली 2027 की जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है. छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को ड्यूटी के आई डी पासवर्ड जारी, 15 अप्रैल से प्रशिक्षण की होगी शुरुआत
रायपुर प्रवक्ता.कॉम 13 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ में जनगणना-2027 का पहला चरण (मकान सूचीकरण और गणना) 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी और इसमें 33 सवालों के जरिए मकान व परिवार की जानकारी ली जाएगी। वहीं, नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (Self-Enumeration) भी कर सकते हैं।जनगणना से जुड़ी मुख्य बातें:प्रक्रिया: 1 मई से 30 मई तक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी।
16 अप्रैल से कर सकते हैं स्व-गणना (Self-Enumeration):
16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन सुविधा, जिसे के अनुसार स्व-गणना का नाम दिया गया है।तकनीक: यह पहली डिजिटल जनगणना है, जो मोबाइल ऐप के माध्यम से होगी।जानकारी: मकान के प्रकार, परिवार के सदस्यों, पानी, बिजली, शौचालय और इंटरनेट सुविधाओं के बारे में जानकारी ली जाएगी।उद्देश्य: मुख्यमंत्री के अनुसार, यह राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण आधारशिला है।यह प्रक्रिया डिजिटल रूप से की जाएगी, जिसमें डेटा संकलन के लिए सीएमओ छत्तीसगढ़ के अनुसार मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा
मानदेय और प्रशिक्षण भत्ता का निर्धारण







छत्तीसगढ़ में 2026-27 की जनगणना के लिए प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को कुल लगभग ₹25,000 का मानदेय मिलने की संभावना है। इसमें प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) के लिए ₹9,000 और द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) के लिए ₹16,000-18,000 तक शामिल हैं। इसके अलावा, फील्ड ट्रेनिंग के लिए प्रति दिन ₹600 का भत्ता भी दिया जा सकता है।
महत्वपूर्ण जानकारी:मानदेय संरचना:
यह मानदेय फील्ड वर्क की प्रकृति और दूरी के अनुसार बदल सकता है।प्रशिक्षण भत्ता: ट्रेनिंग के दौरान ₹600 प्रतिदिन मिलेंगे, जिसमें रिफ्रेशमेंट शामिल है।भुगतान प्रक्रिया: यह राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में आएगी।प्रक्रिया: डिजिटल जनगणना (मोबाइल ऐप के जरिए) होने के कारण मानदेय में बढ़ोतरी की गई है।नोट: जनगणना का कार्य मौजूदा सरकारी कर्मचारियों (शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आदि) के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी है, जिसके लिए यह मानदेय दिया जाता है।
भारत सरकार की कैबिनेट 2027 की जनगणना में खर्च करेगी 11,718 करोड़
यूनियन कैबिनेट ने आने वाली 2027 की जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है. आपको बता दें कि यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी. इस बड़े पैमाने पर गिनती के काम के लिए देश बढ़ाते लगभग 30 लाख सरकारी कर्मचारियों को लगाया जाएगा.






