Breaking NewsR.S.S. NEWSधर्म-अध्यात्मराजनादगांव
Trending

विराट हिंदू सम्मेलन में जातिगत एकता का संदेश समाज एक तो देश मजबूत

बम्हनी चारभाठा में हुआ विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन… विभिन्न समाज प्रमुखों का श्रीफल और गमछा भेंटकर किया गया सम्मान… वक्ताओं ने हिंदुओं से जातिगत भेदभाव को त्यागकर एकता के सूत्र में बंधने की अपील की….

राजनांदगांव /छुरिया /प्रवक्ता.कॉम 2 फरवरी 202

Join WhatsApp


विकासखंड के ग्राम बम्हनी चारभाठा के हाई स्कूल मैदान में सर्व हिंदू समाज बम्हनी मंडल द्वारा विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। उक्त सम्मेलन में आसपास के लगभग 12 से 15 गांव के हिन्दू भाई बहन, माताएं बहने एवं आम जनमानस अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे थे।
कार्यक्रम का प्रारंभ शीतला माता मंदिर में पूजा अर्चना के पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई। उक्त कलश यात्रा ग्राम के विभिन्न गलियों से होते हुए प्रमुख चौक चौराहों एवं मार्गो से गुजरकर बस स्टैंड होते हुए हाईस्कूल मैदान में स्टेडियम के सामने आयोजन स्थल पर पहुंचा।


जहां पर मां भारती एवं भारत माता की पूजा अर्चना करने के पश्चात विधिवत रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सर्वप्रथम रामायण मानस गायन का आयोजन किया गया। रामायण मानस गान के माध्यम से यह बताया गया कि हमारा हिंदू समाज विभिन्न जातियों में बंटा हुआ है। ऐसे में हमें जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ रहना होगा। तथा अपने देश एवं धर्म की रक्षा करनी होगी। सदियों से भारत भूमि पर विदेशी आक्रमणकारों ने यहां हमला बोला। यहां आकर देश के हमारे भोले भाले गरीब हिंदू परिवार के लोगों को पैसे का लालच एवं विभिन्न बीमारियों का भय दिखाकर हजारों लाखों लोगों को धर्म परिवर्तन कराया। तथा हिंदू धर्म को तोड़ने की असफल कोशिश किया है।


सम्मेलन में हिन्दू धर्म के अंतर्गत विभिन्न समाजों के जिला/तहसील/क्षेत्रीय समाज प्रमुखों/प्रतिनिधियों का नारियल श्रीफल, गमछा भेंट कर, तिलक लगाकर एवं हार पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। संत रविदास समाज, गुरु घासीदास समाज, बौद्ध समाज, पाल समाज, वैष्णव समाज, आदिवासी नागवंशी समाज, आदिवासी ध्रुवंशीय समाज, साहू समाज, सेन समाज, सिन्हा समाज, चंद्रवंशी समाज, विश्वकर्मा समाज, ब्राह्मण समाज, यादव समाज, पटेल मरार समाज, निर्मलकर समाज सहित समस्त समाजों के समाज प्रमुखों रविन्द्र वैष्णव, शेखर भरतद्वाज, नैनसिंग पटेल, रविन्द्र टांडेकर, धनुष राम मंडावी, हुकुम चंद साहू, राजकुमार टेम्बुरकर, घासीराम पाल, रमेशर चंद्रवंशी, कृष्णा लाल विश्वकर्मा, टीकम पांडे, जोहित लाल देशलहरे आदि।


इसके साथ ही स्थानीय सरपंच मीना ध्रुवे, अंजू धनकर, विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों अजय पटेल अध्यक्ष नगर पंचायत, भुवनेश्वर साहू, सिख समाज के प्रतिनिधि के तौर पर जगजीत सिंह लक्की भाटिया, बिमला सिन्हा समाज सेविका, उभय राम जनपद सदस्य, भान बाई मंडावी जनपद सदस्य, खेमचंद साहू, टीकम साहू सहित अनेक समाज सेवियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों का आयोजन समिति के सदस्यों भूखन लाल धनकर, राजकुमार मिश्रा, जाकेश साहू, विजय बहादुर सिंह, शिवा मिश्रा, तोरण दास वैष्णव, प्रमोद वर्मा, उभय राम मंडावी, यादो दास वैष्णव, सतीश यादव, गौतम चंद साहू, अवधेश राजपूत, घासीराम पाल, पद्मभूषण साहू, पुना राम वर्मा, शेखर साहू, रमेश कटेंगा, हृदय राम नेताम, डॉक्टर अनिल सुरसावंत आदि ने स्वागत अभिनंदन किया।
बीच-बीच में स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। जिसमें मां भारती एवं भारत माता की पूजा आरती, स्वागत गीत, वंदे मातरम, भारत का बच्चा-बच्चा जय जय श्री राम बोलेगा…… जोत जवारा गीत, छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं संस्कृति से संबंधित गीतों पर छात्र छात्राओं द्वारा मनमोहक नित्य प्रस्तुत किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से आए हुए प्रमुख अतिथियों एवं वक्ताओं ने सभा में उपस्थित आम जनमानस को अपना सरगर्भीक उद्बोधन दिया।जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अभय वाजपेई (विभाग सेवा प्रमुख), अनिल श्रीवास्तव (सह प्रांत सेवा प्रमुख), बसराम साहू (मानस प्रेमी) एवं शंकर साहू (मानस प्रेमी) आदि प्रमुख थे। वक्ताओं ने देश, धर्म, विश्वपटल की वर्तमान परिस्थितियो पर आधारित समस्याओं एवं उनके समाधान पर बाते कहीं। पारिवारिक संस्कार, देश के पूर्व में हुए विदेशी आक्रमण, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, अल्पसंख्यक हिंदुओं की मारकाट एवं आगजनी, उत्पीड़न आदि की चर्चा करते हुए भारत देश में हिंदुओं की घटती आबादी पर चिंता व्यक्त की गई। सम्मेलन में पहुंचे सभी आम जनमानस के लिए सर्व हिन्दू समाज मंडल बम्हनी द्वारा भोजन प्रसादी की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। भोजन भंडारा दोपहर एक बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलते रहा।
वक्ताओं ने हम सभी हिंदू समाज के लोगों को एक होकर और मिलजुल कर रहने पर बल दिया गया। छोटी-छोटी बातों पर आपस में नहीं लड़ने, आपसी पारिवारिक मुद्दों को मिल बैठकर घर परिवार में ही हल करने की बाते कही गईं।
विधर्मियों के लालच और षड्यंत्र में नहीं फंसने तथा धर्म परिवर्तन नहीं करने हेतु आग्रह किया गया। हमें अपने इष्ट देवी देवताओं की विधि सम्मत पूजा अर्चना करने, प्रत्येक शनिवार अथवा मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने, गांवों में बाहरी आगंतुकों पर नजर रखने, तथा अपने पूर्वजों एवं देश के विभिन्न महापुरुषों द्वारा सनातन धर्म के बताए हुए मार्ग पर चलने की सलाह दी गई। जिससे हमारा देश को परम वैभव की प्राप्ति होगी। भारत विश्व का सिरमौर बनेगा। उक्त कार्यक्रम में क्षेत्र एवं आपपास से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न सामाजिक बंधुजन, माताएं बहने, वरिष्ठ नागरिकगण एवं आम जनमानस पहुंचे थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button