NewsPolicy newsछत्तीसगढ़

यूजीसी के नए नियमों के प्रावधान में संशोधन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देगा राजपूत क्षत्रिय महासभा

Join WhatsApp

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 28 जनवरी 2026

राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के प्रचार सचिव डॉ. जितेन्द्र सिंह ठाकुर एवं मीडिया प्रभारी आदर्श सिंह राजपूत ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानो में जाति समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से उच्च शिक्षण संस्थानो में समानता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा नये नियम बनाये गये है, जो 13 फरवरी 2026 से प्रभावशील हो गई है जिससे राजपूत समाज काफी आक्रोशित है ।

प्रभावी नियम में सामान्य सवर्ग के छात्रों एवं प्राध्यापको पर उभयपक्षों के द्वारा झूठे आरोप प्रत्यारोप लगाकर फसायें जाने की आंशकाओ से इंकार नही किया जा सकता चूंकि नये नियम में सामान्य वर्ग के विद्याथियों के विरुद्ध संबधित अ०जा/अ०ज०जा/अ० पि०व० के छात्रों द्वारा लगाये आरोपों पर सीधे कार्यवाही संस्थित होना है। आरोपी की पुष्टि करने अथवा जिनके विरूद्व आरोप / शिकायत है उन्हें भी अपना पक्ष रखने का कोई अवसर प्रदान नहीं करता, इससे प्राकृतिक न्याय का हनन सद‌भाविक है। यह अव्यवहारिक एवं सामान्य सवर्ग के लोगो पर एकपक्षीय कार्यवाही का स्पष्ट संदेश है। प्रश्नाधीन नियम के परिप्रेक्ष्य में राजपूत क्षत्रिय महासभा उक्त नियम में समानता के अधिकार अंतर्गत संवर्ण समुदाय के विद्याथियों, प्राध्यापकों के हितसंवर्धन में आंशिक सुधार किया जाना प्रासगिक एवं न्यायोचित है।

अतः राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ, रहटादाह प० क0 1282 इस नये नियम 13 जनवरी 2026 को अस्वीकार कर नियमों में सामान्य वर्ग के हित सवंर्धन में आंशिक सुधार की अपेक्षा रखती है. जिससे विद्याथियों प्राध्यापको को प्राकृतिक न्याय के साथ अपना पक्ष रखने का सामान अवसर प्राप्त हो और दोषी या गलत आरोप सिद्ध होने पर संबंधित के विरुद्ध भी नियमांतर्गत कार्यवाही हो सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button