भारतीय तेल बाजार पर पड़ा यूएस इजराइल ईरान युद्ध का असर सरकार ने पेट्रोल की एक्साइस ड्यूटी में 10 रुपए की कमी करते हुए डीजल पर ड्यूटी को किया जीरो
ईंधन पर एक्साइज में बड़ी कटौती: आम जनता को राहत
प्रवक्ता. कॉम 27 मार्च 2026
केंद्र की सरकार ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों के बीच आम नागरिकों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर ₹10 की ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।


युद्ध का व्यापक असर
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक महीने में लगभग $70 प्रति बैरल से बढ़कर $122 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके चलते दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है—दक्षिण-पूर्व एशिया में 30-50%, उत्तर अमेरिका में लगभग 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में करीब 50% तक के पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ी हैं।
सरकार पर दाम बढ़ाने का दबाव था
इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार के पास दो विकल्प थे—या तो अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाकर बोझ जनता पर डाला जाए, या फिर खुद वित्तीय दबाव सहकर नागरिकों को राहत दी जाए। मोदी सरकार ने दूसरा रास्ता चुना और आम आदमी को वैश्विक महंगाई से बचाने का निर्णय लिया।
सरकार ने कदम से तेल कंपनियों पर पड़ने वाला भारी नुकसान भी कम होगा, जबकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार ने अपने कर राजस्व में बड़ी कटौती करते हुए नागरिक हित को सर्वोपरि रखा है।
साथ ही, डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर और एटीएफ पर ₹29.5 प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है, ताकि देश में इनकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का दुरुपयोग न हो।
अप्रैल में बढ़ सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम –
सरकाट ने एक्साइस ड्यूटी में कमी करके जनता को युद्ध के चलते पेट्रोल डीजल की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी से फौरी तौर पर बचा तो लिया है लेकिन इसके असर से ज्यादा दिन तक उपभोक्ता बच नहीं सकते । पेट्रोलियम उत्पादों में 8 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी अप्रैल माह में हो सकती है ऐसा सूत्र बता रहे हैं। भविष्य में वार नहीं रुका तो कच्चे तेल की कीमतों में आग लगनी तय मानी जा रही है।






