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छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन योजना की अधिसूचना का प्रकाशन ओपीएस से बेहतर बता रहे हैं फाइनेंशियल एक्सपर्ट केंद्र सरकार ने 1अप्रैल 2025 से किया है लागू

केंद्र सरकार ने एनपीएस से बेहतर विकल्प के तौर पर लागू किया है , छत्तीसगढ़ में भी कर्मचारियों को योजना चयन का मिलेगा विकल्प

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 19 जुलाई 2025

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यूनिफाइड पेंशन योजना पर विशेष आलेख .: (विजय सिंह ठाकुर )

छत्तीसगढ़ में यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने के संबंध में वित्त विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर दिया है । हालांकि केंद्र सरकार की यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से केंद्र में प्रारंभ हो गई है।

राजपत्र में हुआ प्रकाशन

(असाधारण)प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 543]नवा राबपुर, गुरुवार, दिनांक 17 जुलाई 2025 आषाढ़ 26. शक 1947वित्त विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगरनया रायपुर अटल नगर, दिनांक 17 जुलाई 2025अधिसूबनाक्रमांक/2103/4/4/संसा/चार राज्य शासन द्वारा दिनांक 01-08 2025 से राज्य शासन की सेवा में सीधी भर्ती के विज्ञापित पदों पर चयनित शासकीय सेवकों के लिये केवल नवीन पेंशन योजना (NPS) अथवा एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में शामिल होने का विकल्प उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

2 उपर्युक्त के अनुक्रम में राज्य शासन एतद् द्वारा वित मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना संख्या FX-1/3/2024-PR दिनाँक 24 जनवरी 2025 के माध्यम से लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को दिनांक 01-08-2025 से विकल्प के रूप में अंगीकृत करती है।

3 इस योजना के अंतर्गत नियुक्त समस्त शासकीय सेवकों के लेखा संधारण एवं पेशन से संबंधित समस्त कार्यवाही संचालनालय, पेशन एवं भविष्य निधि के नियंत्रण में होगे।

4 इस योजना के अंतर्गत लेखा संधारण, विनियमन एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश पृथक से जारी किये जाएगे।

यूनिफाइड पेंशन योजना की विस्तृत विवरण

भारत सरकार ने देश के सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की शुरुआत की है। यह नई योजना 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो गई है और 1 अगस्त 2025 से इसका व्यापक कार्यान्वयन होने वाला है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है और उनके भविष्य को और भी मजबूत बनाना है। UPS योजना को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह पुरानी पेंशन योजना और नई पेंशन योजना दोनों के सकारात्मक पहलुओं को मिलाकर एक संतुलित और टिकाऊ समाधान प्रस्तुत करती है। यह योजना न केवल वर्तमान कर्मचारियों के लिए बल्कि भविष्य में आने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए भी एक आश्वासन का काम करेगी।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम की संकल्पना और उद्देश्य
यूनिफाइड पेंशन स्कीम का निर्माण एक गहन अध्ययन और विश्लेषण के बाद किया गया है जिसमें पुरानी पेंशन प्रणाली की स्थिरता और नई पेंशन प्रणाली की लचीलेपन को जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस योजना के तहत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को उनके अंतिम आधारभूत वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। यह व्यवस्था पूर्णतः गारंटीशुदा है और इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। योजना का मूल सिद्धांत यह है कि हर सरकारी कर्मचारी को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन मिलें। इससे कर्मचारियों में नौकरी की सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और वे अपने कार्य में पूर्ण मनोयोग से लग सकेंगे।

योजना की पात्रता और कवरेज
यूनिफाइड पेंशन स्कीम का लाभ मुख्यतः उन सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा जो वर्तमान में नई पेंशन योजना के अंतर्गत सेवारत हैं या भविष्य में सेवा में आएंगे। जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त हुए हैं, उनके लिए यह योजना स्वचालित रूप से लागू होगी। वहीं जो कर्मचारी पहले से ही नई पेंशन योजना के सदस्य हैं, उन्हें 30 सितंबर 2025 तक का समय दिया गया है जिसके दौरान वे अपनी इच्छानुसार UPS में स्थानांतरित हो सकते हैं। यह निर्णय एक बार लेने के बाद अपरिवर्तनीय होगा, अर्थात कर्मचारी वापस नई पेंशन योजना में नहीं जा सकेंगे। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को अपनी पसंद के अनुसार पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता मिली है।
पेंशन राशि की गणना और न्यूनतम गारंटी
इस योजना के तहत पेंशन की राशि का निर्धारण कर्मचारी की सेवा अवधि और अंतिम वेतन के आधार पर किया जाएगा। जो कर्मचारी 25 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूर्ण करते हैं, उन्हें अपनी अंतिम आधारभूत वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। 10 से 24 वर्ष तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को उनकी सेवा अवधि के अनुपात में पेंशन दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो कर्मचारी न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं, उन्हें कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह की गारंटीशुदा पेंशन मिलेगी। यह न्यूनतम राशि यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करे और उसे बुनियादी जीवन स्तर बनाए रखने के लिए पर्याप्त संसाधन मिलें।

योगदान की संरचना और वित्तीय व्यवस्था
यूनिफाइड पेंशन स्कीम में कर्मचारी और सरकार दोनों का समान योगदान होगा। प्रत्येक कर्मचारी को अपनी आधारभूत वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत हिस्सा इस योजना में जमा करना होगा। सरकार भी इसी अनुपात में अपना योगदान देगी, जिससे पेंशन फंड का आकार दोगुना हो जाएगा। यह द्विपक्षीय योगदान व्यवस्था फंड की मजबूती सुनिश्चित करती है और रिटायरमेंट के समय एक महत्वपूर्ण कॉर्पस का निर्माण करती है। इसके अतिरिक्त, फंड का निवेश सुरक्षित और लाभकारी साधनों में किया जाएगा ताकि पेंशनर्स को नियमित आय की गारंटी मिल सके। यह वित्तीय संरचना न केवल टिकाऊ है बल्कि भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए भी तैयार है।

पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था
यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पारिवारिक पेंशन की एक व्यापक व्यवस्था की गई है जो पेंशनर की मृत्यु के बाद उसके परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को मूल पेंशन का 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता रहेगा। यह पेंशन सबसे पहले जीवनसाथी को दी जाएगी, और उसकी अनुपस्थिति में आश्रित बच्चों या माता-पिता को मिलेगी। पारिवारिक पेंशन में भी एक न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है ताकि परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था सरकारी कर्मचारियों को मानसिक शांति प्रदान करती है कि उनकी अनुपस्थिति में भी उनके परिवार की देखभाल होगी।
राज्य सरकारों का सहयोग और विस्तार
यूनिफाइड पेंशन स्कीम वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू की गई है, लेकिन राज्य सरकारों को भी इस योजना को अपनाने का विकल्प दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य ने इस दिशा में पहल करते हुए UPS को अपनाने की घोषणा की है और वह इसे लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। अन्य राज्यों में भी इस योजना को लेकर सक्रिय चर्चा चल रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही अधिकांश राज्य इसे अपना लेंगे। यदि सभी राज्य इस योजना को अपना लेते हैं, तो देश भर के लगभग 90 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। यह एक बहुत बड़ा कदम होगा जो पूरे देश के सरकारी कर्मचारी तंत्र में एक नई ऊर्जा और उत्साह लाएगा।

आवेदन प्रक्रिया और डिजिटल सुविधाएं
सरकार ने UPS में शामिल होने के लिए एक सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल आवेदन प्रक्रिया विकसित की है। कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए PRATIAN e-Governance Technologies का पोर्टल उपलब्ध है जो घर बैठे आवेदन की सुविधा प्रदान करता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए कर्मचारी अपने संबंधित DDO कार्यालय से Form A1 (नए कर्मचारियों के लिए) या Form A2 (मौजूदा कर्मचारियों के लिए) प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस और डिजिटल बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को अधिकतम सुविधा मिल सके। भविष्य में मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी इन सेवाओं का लाभ उठाया जा सकेगा।

अन्य योजनाओं से तुलना और विशिष्टताएं
यूनिफाइड पेंशन स्कीम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पुरानी पेंशन योजना की गारंटीशुदा पेंशन और नई पेंशन योजना की योगदान आधारित संरचना दोनों को मिलाती है। पुरानी पेंशन योजना में जहां सरकार पर पूरा वित्तीय बोझ था, वहीं नई पेंशन योजना में कर्मचारियों को बाजार जोखिम का सामना करना पड़ता था। UPS इन दोनों समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है और एक संतुलित मिश्रण बनाती है। इसमें न्यूनतम 10,000 रुपये की गारंटीशुदा पेंशन, पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था, और द्विपक्षीय योगदान जैसी विशेषताएं शामिल हैं। यह योजना कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ रिटायरमेंट की योजना बनाने में भी मदद करती है।

योजना के दीर्घकालिक प्रभाव
यूनिफाइड पेंशन स्कीम का भारतीय प्रशासनिक सेवा और सरकारी कर्मचारी तंत्र पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इस योजना से कर्मचारियों में नौकरी की सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और वे अधिक मनोयोग से अपने कार्यों में लग सकेंगे। रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक चिंताओं से मुक्ति मिलने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। यह योजना युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए प्रेरित करेगी और प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सरकारी सेवा में आने के लिए आकर्षित करेगी। दीर्घकाल में यह योजना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी होगी क्योंकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पास नियमित आय होगी जो उपभोग और बचत दोनों को बढ़ावा देगी।

चुनौतियां और समाधान
यूनिफाइड पेंशन स्कीम के सफल कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं जिनके लिए सरकार ने पहले से ही रणनीति तैयार की है। सबसे बड़ी चुनौती है फंड का उचित प्रबंधन और निवेश ताकि भविष्य में पेंशन का भुगतान निर्बाध रूप से चलता रहे। इसके लिए पेशेवर फंड मैनेजमेंट कंपनियों की सेवाएं ली जा रही हैं और विविधीकृत निवेश रणनीति अपनाई जा रही है। दूसरी चुनौती है सभी राज्यों में योजना का एकसमान कार्यान्वयन, जिसके लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ निरंतर संपर्क में है। तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास किया जा रहा है जो सभी संबंधित कार्यों को आसान और पारदर्शी बनाएगा।

भविष्य की संभावनाएं और विकास
यूनिफाइड पेंशन स्कीम को एक जीवंत और विकसित होने वाली योजना के रूप में डिज़ाइन किया गया है जो समय के साथ बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होती रहेगी। भविष्य में इस योजना में स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा, और अन्य सामाजिक सुरक्षा के घटकों को भी शामिल किया जा सकता है। टेक्नोलॉजी के विकास के साथ-साथ पेंशन प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ब्लॉकचेन जैसी नवीन तकनीकों का उपयोग भी हो सकता है। सरकार का दीर्घकालिक दृष्टिकोण है कि यह योजना न केवल वर्तमान कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करे बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करे। इस दिशा में निरंतर अनुसंधान और सुधार का कार्य चलता रहेगा।

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