मियाद खत्म होने के चलते धान नहीं बेच सके किसानों की धान खरीदी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम साय को लिखा पत्र किसान हित में सकारात्मक निर्णय का किया आग्रह

रायपुर प्रवक्ता.कॉम 3 जनवरी 2026
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी को पत्र लिख कर हमारे अन्नदाताओं से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर विचार कर धान खरीदी से वंचित किसानों के लिए सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है


मियाद खत्म होने के चलते किसान नहीं बेच पाए धान
प्रदेश में सरकार द्वारा धान खरीदी की मियाद खत्म हो चुकी है, लेकिन अब भी प्रदेश के लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं.
शासन-प्रशासन की ओर से धान खरीदी की लक्ष्य प्राप्ति को लेकर तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीक़त इसके ठीक उलट हैं.।
प्रदेश के लाखों किसानों ने सहकारी बैंकों से कर्ज लेकर खेती की लेकिन धान खरीदी में पसरी अव्यवस्था के कारण वे अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं, हालात तो यह हैं कि कई किसानों को धान बेचने के लिए ‘एक भी टोकन’ नहीं मिल सका है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सी एम साय को लिखे पत्र में आग्रह किया है कि सरकार किसान हित में उचित निर्णय ले।
एक-एक दाना धान खरीदने का वादा करने के बावजूद लाखों किसानों का धान बेचने से वंचित होना भाजपा के डबल इंजन के कथित सुशासन पर काला धब्बा है.
आशा करता हूं कि सरकार जल्द ही किसानों के पक्ष में निर्णय लेगी.
इस साल धान खरीदी का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ –
सरकार ने 2025-26 में धान खरीदी के लिए कुल 160 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्क्ष्य रखा, लेकिन सरकार अबतक 140 लाख मीट्रिक टन धान खरीद पाई है। इससे साफ पता चल रहा है कि सरकार 20 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी से पीछे रह गई है। यहां तक कि गत वर्ष 144 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी।
15 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में धान खरीदी 31 जनवरी तक चली। अब भी प्रदेश के 2 लाख 41 हजार 657 किसान धान नहीं बेच पाए हैं। इसको लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रदेशभर से कुल पंजीयक किसानों की संख्या 2753007 है, इनमें से 25 लाख 11 हजार 350 किसान अपना धान बेच पाए हैं, जो कि कुल प्रतिशत का 91.22 प्रतिशत है। यानी करीब 9 प्रतिशत किसान अब भी धान बेचने से वंचित रह गए। अबतक अंतिम तिथि आगे बढ़ाने को लेकर किसी प्रकार की जानकारी नहीं आई है





