New delhiPolicy newsTop Newsछत्तीसगढ़टीईटी अपडेट

राज्य सरकारों और शिक्षक संघों द्वारा दायर की गई 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज 31 अगस्त 2028 तक दिया समय

दिल्ली

Join WhatsApp

प्रवक्ता. कॉम 29 मई 2026

​सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने राज्य सरकारों और शिक्षक संघों द्वारा दायर की गई 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) को खारिज करते हुए यह आदेश दिया।

​ नई समय सीमा: 31 अगस्त, 2028 तक का समय

​कोर्ट ने अपने सितंबर 2025 के पुराने फैसले (अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट मामले) में संशोधन किया है। पहले बिना टेट वाले इन-सर्विस शिक्षकों को परीक्षा पास करने के लिए 31 अगस्त, 2027 तक (2 वर्ष) का समय दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त, 2028 (3 वर्ष) कर दिया गया है।

​किन शिक्षकों पर लागू होगा यह नियम?

  • 5 वर्ष से अधिक की नौकरी बची है: शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act, 2009) लागू होने से पहले या बाद में नियुक्त हुए ऐसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) में 5 वर्ष से अधिक का समय बाकी है, उन्हें हर हाल में अगस्त 2028 तक TET पास करना ही होगा।
  • 5 वर्ष से कम की नौकरी बची है: जिन शिक्षकों की नौकरी के 5 साल से कम बचे हैं, उन्हें सेवा में बने रहने के लिए तो छूट है, लेकिन यदि वे पदोन्नति (Promotion) चाहते हैं, तो उन्हें भी TET पास करना होगा।

​ “बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं” – सुप्रीम कोर्ट

​सुनवाई के दौरान जब शिक्षक संगठनों ने तर्क दिया कि इस नियम से लाखों शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी, तो कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा:

​”शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून एक बाल-केंद्रित कानून है। शिक्षकों की सेवा की निरंतरता बच्चों के शैक्षिक भविष्य की कीमत पर नहीं हो सकती। बिना न्यूनतम योग्यता (TET) के शिक्षकों को अनिश्चित काल तक पढ़ाते रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती।”

​ राज्यों को निर्देश: साल में दो बार कराएं परीक्षा

​शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से साल में दो बार (लगभग 6 महीने के अंतराल पर) TET परीक्षा का आयोजन करें

अंतिम चेतावनी: सुप्रीम कोर्ट ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब इस समय सीमा (31 अगस्त, 2028) को आगे बढ़ाने के लिए भविष्य में किसी भी याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा। यह शिक्षकों के लिए आखिरी मौका

छत्तीसगढ़ ने टीईटी प्रभावित शिक्षकों की संख्या

छत्तीसगढ़ में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से प्रभावित होने वाले कार्यरत शिक्षकों की कुल संख्या 80,491 है।

​विधानसभा में सामने आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ये वो शिक्षक हैं जो लंबे समय से पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और राइट टू एजुकेशन (RTE) के नियमों के तहत अनिवार्य की गई टीईटी (TET) परीक्षा अब तक पास नहीं कर पाए हैं।

​इस मामले से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:

  • कुल प्रभावित संख्या: प्रदेश के कुल 80,491 शिक्षक इससे प्रभावित हो रहे हैं।
  • प्रमुख जिलों की स्थिति: राज्य के कई जिलों में ऐसे शिक्षकों की संख्या हजारों में है। उदाहरण के लिए कोंडागांव जिले में सबसे अधिक (लगभग 5,334) और मुंगेली जिले में सबसे कम ऐसे शिक्षक हैं जिनके पास टीईटी सर्टिफिकेट नहीं है। इसके अलावा महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, सरगुजा और सूरजपुर जैसे जिलों में भी प्रभावित शिक्षकों का आंकड़ा काफी बड़ा है।
  • सुप्रीम कोर्ट से राहत: हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए इस पात्रता परीक्षा को पास करने की समयसीमा (डेडलाइन) को एक साल आगे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद और समय नहीं दिया जाएगा।
  • विभागीय परीक्षा की मांग: इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए शिक्षक संगठनों द्वारा सरकार से एक विशेष ‘विभागीय टीईटी परीक्षा’ (Departmental TET) आयोजित करने और उसमें पासिंग मार्क्स को सामान्य से कम रखकर (जैसे 33%) राहत देने की मांग की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button