रायगढ़ में 57 नए एचआईवी संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘घबराने की जरूरत नहीं
हाल ही में नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने कुछ बच्चों को नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पकड़ा था। बाद में उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य जांच कराई गई, जिसमें तीन बच्चे एचआईवी संक्रमित पाए गए। इसके बाद जिले में 14 वर्ष तक की आयु के एचआईवी संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
विशेष संवाददाता, रायगढ
प्रवक्ता. कॉम 04 जून 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्वास्थ्य विभाग की नियमित जांच के दौरान 57 नए एचआईवी (HIV) पॉजिटिव मरीज मिलने का मामला सामने आया है। इतनी बड़ी संख्या में संक्रमितों की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि, सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नियंत्रण होने का दावा करते हुए आम जनता से शांत रहने की अपील की है। रायगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की जांच के आंकड़े चौंकाने वाले हैं यहां 2 महीने के भीतर 700 से ज्यादा hiv पॉजिटिव मरीज मिले हैं जिसकी जद में किशोर उम्र के भी आ गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने लिया संज्ञान
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जिन लोगों की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव आई है, उन्हें बिल्कुल भी घबराने या डरने की आवश्यकता नहीं है। सरकार के पास इन मरीजों के उचित इलाज, दवाइयों और मुफ्त परामर्श (Counselling) की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है।
विभाग ने शुरू की विशेष निगरानी
सूत्रों के अनुसार, रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों और प्रवासी आबादी वाले हिस्सों में संक्रमण फैलने की संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग विशेष स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रहा है। संक्रमित पाए गए सभी मरीजों को चिन्हित कर उन्हें एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) केंद्रों से जोड़ा जा रहा है ताकि समय पर उनका इलाज शुरू हो सके और उनकी गोपनीयता भी बनी रहे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील:

एचआईवी संक्रमण से बचाव ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने या असुरक्षित संपर्क के बाद नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मुफ्त और गोपनीय जांच जरूर करवाएं।
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में हो व्यापक जांच
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित अन्य छोटे शहरों में जांच का दायरा बढ़ाना चाहिए। इस तरह की जांच से युवाओं के हेल्थ की असली रिपोर्ट जाननी जरूरी है । रायगढ़ में इस तरह से थोक में मरीज मिलना गंभीर चिंता का विषय है और होना भी चाहिए।
रायपुर ,कोरबा ,बिलासपुर शहर के चल रहे स्पा सेंटर की गतिविधियां संदिग्ध वहां भी अनैतिक कारोबार के कई मामले मिले हैं –
रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू है लिहाजा शहर के गली गली में चल रहे स्पा सेंटर और वहां बतौर थेरेपिस्ट काम रहे लड़कियों के पास न तो फिजियो की कोई वैधानिक डिग्री नहीं है । ऐसे में वहां किस तरह की वेलनेस मिलेगी इसे कोई भी स्पा जाने वाला बता सकता है। कालेज और स्कूल से बंक मार कर बच्चे स्पा जा रहे हैं।
इन सेंटरों में काम करने वालों की भी हेल्थ जांच सामाजिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है।






