बेमेतरा: CG VSK ऐप पर हाजिरी न लगाने वाले 659 शिक्षकों को नोटिस, राज्य में 29वें स्थान पर पिछड़ा जिला; DEO सख्त
शिक्षकों की समस्या तो पूछना भूल गए साहब , हाईकोर्ट जाएगा मामला
बेमेतरा प्रवक्ता.कॉम 18 जून 2026
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन अटेंडेंस (हाजिरी) दर्ज करने में बरती जा रही लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के 659 शिक्षकों द्वारा ‘CG VSK’ ऐप पर रजिस्ट्रेशन तक न किए जाने और उपस्थिति दर्ज न कराने पर गहरी नाराजगी जताई है। इस ढीली कार्यप्रणाली के कारण बेमेतरा जिला पूरे राज्य में 29वें स्थान पर खिसक गया है, जिससे जिले की छवि धूमिल हो रही है।
16 जून से लागू हुआ था नियम, स्थिति बेहद चिंताजनक
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा द्वारा जारी आदेश (पत्र क्र/389/MIS/VSK/2026-27) के अनुसार, जिले के सभी शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को 16 जून 2026 से ‘CG VSK’ ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
इसके बावजूद, 17 जून 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों में जिले की बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है:


कुल गैर-पंजीकृत शिक्षक: 659 शिक्षकों ने अब तक ऐप पर रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया है।
औसत उपस्थिति: जिले में कुल पंजीकृत 4472 शिक्षकों में से केवल 2874 उपस्थित रहे, जिससे कुल उपस्थिति का प्रतिशत महज 56.82% रहा।
ब्लॉकवार स्थिति: बेमेतरा, बेरला, नवागढ़ और साजा चारों विकासखंडों में बड़ी संख्या में शिक्षक निष्क्रिय और अनुपस्थित पाए गए हैं।
2 दिन के भीतर देना होगा स्पष्टीकरण, अन्यथा होगी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित संस्था प्रमुखों और लापरवाह शिक्षकों को अल्टीमेटम जारी किया है। आदेश के तहत, जिन शिक्षकों ने ऐप पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया है या अटेंडेंस नहीं लगा रहे हैं, उन्हें 2 दिनों के भीतर अपने संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) के समक्ष उपस्थित होकर कारण सहित लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।
DEO की चेतावनी: “यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिक्षकों द्वारा दिया गया जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
नोटिस का जवाब कोर्ट में देंगे
इस कार्यवाई से नाराज शिक्षकों ने डीईओ की नोटिस को प्रक्रियात्मक बताया है। कुछ शिक्षकों ने कहा है कि डीईओ दबाव नहीं डाल सकते । जबरन दबाव पूर्वक कार्यवाही की गई तो हाईकोर्ट जायेंगे।





