छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शिक्षकों की अटेंडेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव: वीएसके ऐप की जगह आधार आधारित बायोमीट्रिक हाजिरी की तैयारी

रायपुर: प्रवक्ता.कॉम
24 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। स्कूल शिक्षा सचिवालय और पॉलिसी मेकिंग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विभाग जल्द ही वीएसके (VSK) ऐप के जरिए होने वाली डिजिटल अटेंडेंस को बंद कर सकता है। इसकी जगह अब आधार आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने की तैयारियां जोरों पर हैं।
वर्तमान व्यवस्था और वीएसके ऐप की खामियां
मौजूदा समय में शिक्षकों की हाजिरी वीएसके ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज की जाती है। हालांकि, इस प्रणाली में कई प्रकार की तकनीकी खामियां सामने आ रही थीं, जिसके कारण विभाग इस पर पुनर्विचार कर रहा है। वीएसके ऐप से जुड़ी मुख्य समस्याएं निम्नलिखित हैं:
तकनीकी खामियां:
ऐप के संचालन में अक्सर तकनीकी बाधाएं आती हैं। नेटवर्क और लॉगिन, लॉग आउट,लोकेशन ये तीन बड़ी समस्या शिक्षकों को रोज परेशान करती है।
एक ही मोबाइल से कई लॉगिन:
इस डिजिटल व्यवस्था में एक ही मोबाइल डिवाइस से कई शिक्षकों के लॉगिन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे अटेंडेंस की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हो रहे थे।
हाईकोर्ट की टिप्पणी और निजता का अधिकार
इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पहले ही महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत का मानना है कि वीएसके ऐप के जरिए अटेंडेंस लेने की प्रक्रिया से शिक्षकों के निजता के अधिकार (Right to Privacy) के हनन की स्थितियां बन सकती हैं। अदालत के इन रुख को भी इस बदलाव के पीछे एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
नई व्यवस्था की विशेषताएं और एकरूपता
सरकार अब अन्य विभागों की तर्ज पर स्कूल शिक्षा विभाग में भी पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए कदम उठा रही है। मंत्रालय सहित सरकार के कई अन्य विभागों में पहले से ही डिजिटल की जगह बायोमीट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू है।
डिजिटल से बायोमीट्रिक की ओर:
वीएसके ऐप एक सामान्य डिजिटल माध्यम था, जबकि नई प्रस्तावित व्यवस्था सीधे तौर पर आधार आधारित बायोमीट्रिक होगी।
विभागों में एकरूपता:
इस बदलाव से राज्य के सभी शासकीय विभागों में अटेंडेंस की एक जैसी और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।
सूत्रों के मुताबिक, विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी कर सकता है, जिससे शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के तौर-तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे।





