छत्तीसगढ़ सहित देशभर में आज से भक्तिमय माहौल आरंभ हुआ पवित्र सावन मास, शिवालयों में गूंज रहे हर-हर महादेव के जयकारे

रायपुर: प्रवक्ता. कॉम 30 जुलाई 2026
आज से देवाधिदेव महादेव को समर्पित अत्यंत पवित्र श्रावण मास (सावन) की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में चारों तरफ भक्तिमय और आध्यात्मिक माहौल बन गया है। सुबह से ही प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और “हर-हर महादेव”, “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा है।
शिव आराधना का मास:
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। ऐसी मान्यता है कि इस पूरे माह सच्चे मन से भोलेनाथ की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शिवालयों में भारी भीड़:
राजधानी रायपुर के दूधधारी मठ, बूढ़ेश्वर मंदिर और महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ के खजुराहो भोरमदेव मंदिर, कवर्धा के बुढ़ा महादेव , डोंगरिया महादेव के दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
इसके अलावा जांजगीर-चांपा के प्रसिद्ध बंजारी मंदिर, गरियाबंद के भूतेश्वर नाथ (भकुर्रा) और बालोद के ऐतिहासिक शिव मंदिरों में भी विशेष अनुष्ठान और जलाभिषेक का दौर शुरू हो गया है।कांवड़ यात्रा की शुरुआत: सावन मास की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ और देश के अन्य हिस्सों में कांवड़ यात्राओं का दौर भी शुरू हो गया है। शिव भक्त पवित्र नदियों से जल भरकर लंबी पदयात्रा कर रहे हैं और शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।
सावन सोमवार का विशेष महत्व:
इस वर्ष सावन मास के दौरान पड़ने वाले सोमवार के व्रतों का विशेष धार्मिक महत्व है। महिलाएं और युवा इस दौरान विशेष उपवास रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करेंगे।





