वरिष्ठता और अनुभव का हो सम्मान: शिक्षकों की पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग बैठक में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने दिया मांग पत्र
वर्ष 2019 से 2025 के बीच हुई पदोन्नतियों में गैर-TET शिक्षकों को उनकी वरिष्ठता, अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उच्च पदों पर पदोन्नति दी गई है।
रायपुर प्रवक्ता .कॉम 19 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में चल रही शिक्षकों की विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर विरोध और चिंताएं सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने शिक्षकीय पदों पर विभागीय पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण होने की शर्त को समाप्त करने या इसमें शिथिलता प्रदान करने की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय शिक्षा मंत्री के नाम एक विस्तृत मांग पत्र लोक शिक्षण संचालनालय को सौंपा है।

पदोन्नति में नई शर्तों से असंतोष
संघ का कहना है कि वर्तमान में जिला एवं संभाग स्तर पर प्रक्रियाधीन विभागीय पदोन्नतियों में अग्रेतर पदों के लिए सीधी भर्ती की न्यूनतम अर्हताओं को अनिवार्य बनाया जा रहा है, जिसमें TET उत्तीर्ण होना भी शामिल है। संघ ने इसे वर्षों से सेवा दे रहे सेवारत शिक्षकों के साथ अन्याय बताया है।
संघ ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की 25 अगस्त 2010 की अधिसूचना का हवाला देते हुए शासन का ध्यान आकर्षित किया कि उस अधिसूचना की तिथि से पहले नियुक्त शिक्षकों को न्यूनतम योग्यता से मुक्त रखने का प्रावधान था। इसी भावना के अनुरूप वर्तमान पदोन्नति को नवीन बाध्यताओं से मुक्त रखने का आग्रह किया गया है।
पूर्व के उदाहरणों का दिया हवाला
संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि:
राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) के अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में D.Ed. और TET से छूट दी गई है।
पूर्व में भी शिक्षक भर्ती के दौरान D.Ed. और B.Ed. प्रशिक्षण की अनिवार्यता में शिथिलता दी जाती रही है।
वर्ष 2019 से 2025 के बीच हुई पदोन्नतियों में गैर-TET शिक्षकों को उनकी वरिष्ठता, अनुभव और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उच्च पदों पर पदोन्नति दी गई है।
शिक्षकों में असमंजस की स्थिति
संघ ने चेतावनी दी है कि पदोन्नति प्रक्रिया के बीच में अचानक नई अर्हता लागू किए जाने से लंबे समय से सेवाएं दे रहे योग्य शिक्षक पदोन्नति के अवसर से वंचित हो सकते हैं, जिससे शिक्षक वर्ग में असमंजस और असंतोष का माहौल बन रहा है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने शासन से अपील की है कि संविधान की सातवीं अनुसूची के समवर्ती सूची के प्रावधानों और राज्यहित को ध्यान में रखते हुए, विभागीय पदोन्नति को पूर्व प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार ही पूरा किया जाए। इस अवसर पर कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, रायपुर जिलाध्यक्ष मनीष देवांगन, तहसील सचिव रमाकांत यादव, भरत कुमार डोरे, सुमित पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।






