मौत को छूकर लौटे शिक्षक: बस्तर में नाले के तेज बहाव में बही बाइक, 100 फीट नीचे झरने में गिरने से ठीक पहले रेस्क्यू ! देखें वीडियो कैसे बचाया गांव वालों ने ?
शनिवार सुबह स्कूल ड्यूटी पर जा रहे हाईस्कूल कुएंमारी (इंग्लिश माध्यम) के शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव उफनते नाले के तेज बहाव में बह गए। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित मदद से उन्हें 100 फीट ऊंचे जलप्रपात (वॉटरफॉल) से नीचे गिरने से ठीक पहले रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर खींच लिया गया
बस्तर में उफनते नाले में बहे शिक्षक, 100 फीट ऊंचे जलप्रपात से गिरने से ठीक पहले रस्सी के सहारे बचाए गए
बस्तर, 13 सितंबर 2026
प्रवक्ता.कॉम
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीते तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। शनिवार सुबह स्कूल ड्यूटी पर जा रहे हाईस्कूल कुएंमारी (इंग्लिश माध्यम) के शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव उफनते नाले के तेज बहाव में बह गए। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित मदद से उन्हें 100 फीट ऊंचे जलप्रपात (वॉटरफॉल) से नीचे गिरने से ठीक पहले रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर खींच लिया गया।
कैसे हुआ हादसा:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षक धर्मेंद्र दास वैष्णव शनिवार सुबह अपनी बाइक से स्कूल की ओर जा रहे थे। कुएंमारी के पास सड़क पर नाला उफान पर था। नाला पार करने के दौरान पानी का बहाव इतना तेज था कि उनकी बाइक अनियंत्रित होकर बह गई और शिक्षक भी पानी के तेज थपेड़ों में बहने लगे।
ग्रामीणों ने देवदूत बनकर बचाई जान:
शिक्षक बहते हुए नाले के मुहाने पर स्थित करीब 100 फीट ऊंचे जलप्रपात की ओर जा रहे थे। तभी वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और रस्सी फेंककर उन्हें वॉटरफॉल से महज कुछ दूरी पर रोक लिया। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उन्हें खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
बस्तर में बारिश का कहर:
उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग के अधिकांश इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां, नाले और रपटे उफान पर हैं। दंतेवाड़ा के कुआकोंडा और रेवाली समेत दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों और शिक्षकों को आने-जाने में अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।


