छत्तीसगढ़ बोर्ड तर्ज पर परीक्षा – कमजोर बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का ऐलान, 5वीं-8वीं के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के सख्त निर्देश
5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षाओं का ऐलान: समय पर कोर्स पूरा करने और पारदर्शी मूल्यांकन पर विशेष जोर
प्रवक्ता.कॉम 13 अक्टूबर 2026
नवा रायपुर
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय ने आगामी शैक्षणिक सत्र की 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षाओं के संचालन को लेकर सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। संचालनालय ने प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को पत्र भेजकर परीक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के आदेश दिए हैं।

इस संबंध में संचालनालय द्वारा प्राथमिक (कक्षा 5वीं) तथा पूर्व माध्यमिक (कक्षा 8वीं) प्रमाण पत्र परीक्षा की अंकसूचियों और नॉमिनल रोल के प्रारूप भी जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख निर्देश और परीक्षा की रूपरेखा
समय पर पूरा हो पाठ्यक्रम
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों में शैक्षणिक कैलेंडर के तय समय-सीमा के भीतर ही पाठ्यक्रम (सिलेबस) को पूरी तरह से पूर्ण कराया जाए।
ब्लूप्रिंट के आधार पर प्रश्नपत्र
छःमाही (अर्द्धवार्षिक) परीक्षा के प्रश्नपत्रों का निर्माण पूरी तरह से निर्धारित ब्लूप्रिंट के अनुसार होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रश्नपत्र त्रुटिहीन हों और उनकी छपाई उच्च गुणवत्ता वाली हो।
एक समान छपाई दर और समय-सीमा
राज्य के सभी जिलों में प्रश्नपत्रों की छपाई की दरें एक जैसी रहेंगी। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की छपाई का कार्य 25 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वार्षिक परीक्षा जैसी सख्ती
विद्यार्थियों की बैठने (बैठक) की व्यवस्था अर्द्धवार्षिक परीक्षा में भी वार्षिक परीक्षा के पैटर्न पर ही होगी।
एक सप्ताह के भीतर उत्तरपुस्तिकाओं का अवलोकन मूल्यांकन के बाद जांची गई उत्तरपुस्तिकाओं को परीक्षा समाप्त होने के 1 हफ्ते के अंदर छात्र-छात्राओं और उनके पालकों को अनिवार्य रूप से दिखाया जाए।
कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण
जिन विद्यार्थियों का परीक्षा प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहेगा, उनके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा तथा विशेष कार्ययोजना तैयार कर उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Classes) की व्यवस्था की जाएगी।
अंक-विभाजन और मूल्यांकन पद्धति
नए प्रारूप के तहत छात्रों के अंतिम परिणामों में सतत और व्यापक मूल्यांकन को जोड़ा गया है:
अधिभार प्रणाली
अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों का 30 प्रतिशत और वार्षिक परीक्षा (लिखित एवं प्रायोजना) के प्राप्तांकों का 70 प्रतिशत अधिभार जोड़कर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा।
सह-संज्ञानात्मक मूल्यांकन
अकादमिक विषयों के साथ-साथ खेलकूद, योग एवं प्राणायाम, कला प्रदर्शन, सांस्कृतिक गतिविधियां, रचनात्मकता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्वच्छता जैसे क्षेत्रों में भी छात्रों के प्रदर्शन का आकलन कर ग्रेड प्रदान किए जाएंगे।
विभाग द्वारा अर्द्धवार्षिक परीक्षा की समय-सारिणी पहले ही 31 अगस्त 2026 को जारी की जा चुकी है। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
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