राज्य कर्मचारी संघ के तत्वाधान में बालोद में आयोजित हुआ भव्य सम्मान व शैक्षिक संगोष्ठी, जिले भर से जुटे सैकड़ों शिक्षक और प्राचार्य
राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर इन मांगों के निराकरण हेतु लगातार प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने देगी और आने वाले समय में शिक्षकों के हित में ही निर्णय लिए जाएंगे। उनके इस वक्तव्य पर उपस्थित सैकड़ों शिक्षकों ने भारत माता के जयकारों और करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया।
प्रवक्ता.कॉम
बालोद 3 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ के बैनर तले 3 अक्टूबर को कुर्मी भवन, बालोद में जिला स्तरीय सम्मान समारोह एवं शैक्षिक संगोष्ठी का बृहद आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित मांग—”प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना”—पर राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षकों को आश्वस्त करते हुए शिक्षकों के पक्ष में सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिलाया।
मांग पत्र सौंपा: शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं पर ध्यान आकर्षित

सम्मेलन के दौरान बालोद जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे ने राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम को शिक्षकों का प्रमुख मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल थे:
सेवा गणना व वरिष्ठता:
प्रदेश में कार्यरत एल.बी. संवर्ग (LB Cadre) के शिक्षकों को उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त वित्तीय एवं सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
टीईटी (TET) से छूट
पूर्व से नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए तथा इसके कारण किसी भी शिक्षक की पदोन्नति न रोकी जाए।
शासकीय व्यय पर B.Ed
व्याख्याता, प्रधान पाठक (माध्यमिक व प्राथमिक शाला) एवं उच्च वर्ग शिक्षकों को शासन के व्यय पर बी.एड. (B.Ed.) कराया जाए।
VSK ऐप पर रोक
वी.एस.के. (VSK) ऐप को पूरी तरह से बंद कर स्कूलों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू किया जाए और इस ऐप की तकनीकी खामियों के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन न रोका जाए।
शिक्षा आयोग अध्यक्ष का आश्वासन

मांग पत्र पर विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि एवं राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर इन मांगों के निराकरण हेतु लगातार प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने देगी और आने वाले समय में शिक्षकों के हित में ही निर्णय लिए जाएंगे। उनके इस वक्तव्य पर उपस्थित सैकड़ों शिक्षकों ने भारत माता के जयकारों और करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया।
प्रांतीय पदाधिकारियों एवं अतिथियों के विचार
अश्विनी चेलक (प्रांत अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संघ): उन्होंने बताया कि संघ के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के साथ कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर सार्थक चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इस पर सकारात्मक परिणाम आएंगे।
बोधी राम निषाद (प्रांतीय महामंत्री): उन्होंने संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए प्रदेशव्यापी वार्षिक कार्ययोजना तथा सभी जिलों में चल रहे सदस्यता अभियान की प्रगति की जानकारी दी।
प्रतिभा चौधरी (नगर पालिका अध्यक्ष, बालोद): उन्होंने कर्मचारी संघ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह हमेशा संगठन के साथ खड़ी हैं और शासन स्तर पर हर संभव मदद का आश्वासन देती हैं।
वीरेंद्र देवांगन (शिक्षा प्रकोष्ठ प्रमुख) एवं राजेश्वर राव क्रिदत्त (सह संघ चालक, RSS बालोद): उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर नीति बनाकर कार्य करने तथा शिक्षकों के स्वाभिमान की रक्षा करने की बात कही।
शैक्षिक संगोष्ठी और नवाचार पर गहन मंथन
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी के दौरान जिले भर से आए प्राचार्यों और शिक्षकों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श किया। संगोष्ठी में:
आंगनबाड़ी से लेकर हायर सेकंडरी स्तर तक उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने,
शिक्षण व्यवस्था में नवाचार (Innovation) लाने, तथा
शैक्षणिक व्यवस्था में अनावश्यक प्रयोगों को बंद करने पर ठोस सुझाव दिए गए।
शिक्षा आयोग के अध्यक्ष ने सभी सुझावों को अपनी पुस्तिका में कलमबद्ध किया और घोषणा की कि इन विचारों के आधार पर जल्द ही खंड (ब्लॉक) स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक बड़ी बैठकें आयोजित कर नीतियां बनाई जाएंगी।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान एवं पुस्तक विमोचन
समारोह में शिक्षा एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संघ के सदस्यों—राजेश पिस्दा, पंकज सोनी, नेम सिंह साहू, लाल रघुवीर सिंह टेकाम और विवेक ध्रुव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, सेवानिवृत्त प्राचार्य मुन्नालाल गौतम का विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में ‘दर्शन बालोद’ मीडिया संस्थान के चौथे संस्करण की पुस्तक का विमोचन कर प्रधान संपादक दीपक यादव द्वारा समस्त मंचासीन अतिथियों को प्रति भेंट की गई।
समीक्षा बैठक एवं समापन
मुख्य कार्यक्रम के पश्चात राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष एवं प्रांतीय पदाधिकारियों ने जिला एवं विकासखंड स्तरीय पदाधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बालोद, श्री दीपक दुबे भी शामिल हुए और उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन संगठन मंत्री विकास शर्मा ने किया, जबकि जिला सचिव गजेंद्रपुरी गोस्वामी द्वारा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का मीडिया कवरेज एवं संयोजन जिला मीडिया प्रभारी अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपन्न हुआ।






