अज्ञात नंबर से कॉल आने पर भी स्क्रीन पर दिखाई देगा कॉलर का नाम, 1 नवंबर 2026 से लागू होगी नई सुविधा
नेटवर्क सपोर्ट: शुरुआत में यह सुविधा 4G और उससे उन्नत (5G आदि) नेटवर्क पर उपलब्ध होगी। ट्रूकॉलर से मुक्ति: इससे अनजान कॉल की पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा और ट्रूकॉलर जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स पर निर्भरता कम होगी।
प्रवक्ता. कॉम नई दिल्ली, 16 अक्टूबर
देशभर के मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार आगामी 1 नवंबर 2026 से टेलीकॉम सेक्टर में एक नई और क्रांतिकारी सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके तहत अब मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर भी स्क्रीन पर फोन करने वाले (कॉलर) का असली नाम प्रदर्शित हो जाएगा।
दूरसंचार विभाग (DOT) द्वारा उठाए गए इस कदम से फर्जी और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या है ‘सीनएपी’ (CNAP) सुविधा?
केंद्र सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल शुरुआती चरण में यह अत्याधुनिक सुविधा केवल 4G और उससे उन्नत (5G आदि) नेटवर्क वाले स्मार्टफोन्स पर ही उपलब्ध होगी।
इस सेवा के शुरू होने से आम जनता को अनजान कॉल्स की पहचान करने में आसानी होगी, जिससे ‘ट्रूकॉलर’ (Truecaller) जैसे थर्ड-पार्टी कॉलर-आईडी ऐप्स पर लोगों की निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्क्रीन पर नाम प्रदर्शित होने मात्र से ही उस कॉल के पूरी तरह सुरक्षित होने की कोई कानूनी गारंटी नहीं होगी।
आम नागरिकों के लिए जानना जरूरी खास बातें:
बिना नंबर सेव किए कैसे दिखेगा नाम? टेलीकॉम कंपनियों के पास देश के हर सिम धारक का आधिकारिक डेटा और नाम दर्ज होता है। कॉल आने पर नेटवर्क सीधे डेटाबेस से मिलान कर वही नाम स्क्रीन पर फ्लैश कर देगा।
क्या इसके लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करना होगा?
बिलकुल नहीं। उपभोक्ताओं को इसके लिए अपने फोन में कोई थर्ड-पार्टी एप्लीकेशन डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी। टेलीकॉम कंपनियां नेटवर्क स्तर पर ही यह सुविधा स्वतः प्रदान करेंगी।
क्या विदेशी (International) कॉल्स पर भी नाम दिखेगा? नहीं। अंतरराष्ट्रीय कॉल्स पर कॉलर का नाम प्रदर्शित नहीं होगा। ऐसी कॉल्स की स्क्रीन पर केवल ‘International Call’ लिखा हुआ नजर आएगा।
गोपनीयता का प्रावधान
जिन उपभोक्ताओं ने अपनी प्राइवेसी बनाए रखने के लिए ‘कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन’ (CLIR) की सुविधा सक्रिय करा रखी है, उनका नाम कॉइन स्क्रीन पर प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।
गलत नाम दिखने पर क्या करें?
यदि तकनीकी त्रुटि के कारण स्क्रीन पर कोई गलत नाम प्रदर्शित होता है, तो उपभोक्ता इसके खिलाफ अपनी संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे।






