Newsकर्मचारी जगतछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ बजट 2026
Trending

छत्तीसगढ़ राज्य बजट से प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग में घोर निराशा सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति, क्रमोन्नत वेतनमान की मांगे आखिर कब पूरा करेंगे ?

प्रदेश के पौने चार लाख कर्मचारियों को क्या मिला चिंतन का विषय है ! सरकार मोदी की गारंटी के अपने ही वादे को पूरा नहीं कर रही है , महंगाई भत्ते के लंबित एरियर का भुगतान कब होगा ? कैसलेश चिकित्सा योजना अच्छी लेकिन बाकी वादों पर भी ध्यान देना चाहिए था।

रायपुर प्रवक्ता. कॉम 24 फरवरी 2026

Join WhatsApp


प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग (पूर्व नाम शिक्षाकर्मी) को इस बार राज्य बजट से काफी ज्यादा उम्मीदें थी। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ राज्य इकाई ने आज से सवा 2 वर्ष पहले अर्थात विधानसभा चुनाव नवंबर दिसंबर 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में पार्टी की ओर से शिक्षक एलबी संवर्ग के लिए बहुत सारी घोषणाएं की थी तथा प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर उक्त मांगों को पूरा करने की बात कहते हुए अपने चुनावी घोषणा पत्र को मोदी की गारंटी नाम दिया था।


लेकिन उनमें से 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग की प्रमुख घोषणाए अभी भी पूरी नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक एवं छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ पंजीयन क्रमांक 122202595034 के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू, शिवकुमार साहू, प्रदेश सचिव राजेंद्र लाडेकर, प्रदेश महासचिव भोजराम साहू, गायत्री मंडलोई, महेश्वर कोटपरिहा, प्रदेश संयुक्त सचिव हरिशंकर पटेल, कमलेश कुमार भारती, प्रदेश प्रवक्ता, नरेंद्र तिवारी, केशव पटेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रोहित कुमार पटेल, अमर दास बंजारे, रामसेवक पैकरा, राजेंद्र कुमार साहू, जगदीश साहू, दिनेश कुमार लहरें, देवेंद्र वर्मा, प्रमोद कुंभकार ,दिनेश निर्मलकर, संतोष जैन, मनोज यादव, अभिषेक तिवारी, सुषमा प्रजापति, नारद सहारे, मुकेश दिवाकर, शंभूराम साहू, चंद्रशेखर सारथी, अरविंद पांडे, देवीदयाल साहू, फूलदेव गुप्ता, हीरालाल विश्वकर्मा, ज्वाला बंजारे, महेश शर्मा, बिमला लकड़ा, मंजू शर्मा, नंदकुमार पटेल, रूलिका लकड़ा, नूरजहां खान, रूपेंद्र कुमार साहू, कोमल सिंह गुरु, तिलक खांडे, कुलदीप सिन्हा, शशिमा कुर्रे, विनोद सिंह राजपूत, मनीषा मिंज, कजला महिलांगे, कुलेश्वरी साहू, कैलाशचंद्र ठाकुर आदि सभी पदाधिकारीयो ने आज पेश हुए छत्तीसगढ़ सरकार के राज्य बजट पर संगठन की ओर से संयुक्त रूप से जारी अपनी सामूहिक प्रतिक्रिया में सभी ने एक स्वर में कहा है कि 2023 विधान सभा चुनाव के बाद सरकार का यह पेश हुआ तीसरा बजट है।
और प्रदेश की भाजपा सरकार को वर्तमान कार्यकाल का लगभग सवा दो साल पूर्ण भी हो गया है। ऐसे में उक्त बजट से हमको प्रदेश के समस्त सहायक शिक्षकों की वेतन दूर होने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान एवं पुरानी पेंशन बहाल होने की बड़ी उम्मीदें थी।
परंतु इनमें से कोई भी मांगे पूरी नहीं हुई है। जिससे राज्य के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग में घोष निराशा फैल गई है। निश्चित रूप से सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सेवा की एक सौगात दी है। इसके लिए सरकार का संगठन की ओर से हम आभार व्यक्त करते हैं। परंतु यह हमारी मूल मांगे थी ही नहीं। बल्कि हमारी मूल मांगों में सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति, क्रमोन्नति वेतनमान एवं पुरानी पेंशन बहाली थी।
हमारी उक्त मांगे पूरी नहीं होने से प्रदेश के 1,80,000 शिक्षक एलबी संवर्ग के बीच काफी ज्यादा निराशा फैल गई है। उक्त मांग यदि पूरी होती तो हमें एक ओर जहां प्रति महीने हो रहे एक बड़ी आर्थिक नुकसान की भरपाई हुई रहती तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में प्रतिवर्ष सेवानिवृत्त हो रहे सैकड़ों शिक्षकों को बुढ़ापे का सहारा मिला रहता।
लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आज 1995-98 से लेकर सभी बैच के शिक्षकों में से एक ही बैच के पदोन्नत और गैर पदोन्नत शिक्षक एलबी संवर्ग को वर्तमान में 10 से लेकर 25 हजार रुपए तक का एक बड़ा मासिक अंतर है। जबकि नियमित शिक्षकों में ऐसा कोई भी अंतर या उन्हें कोई नुकसान नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button