राजपूताना आन बान और शान से क्षत्रिय महासभा के 62 वाँ वार्षिकोत्सव का हुआ समापन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री माननीय गजेंद्र यादव जी द्वारा 30 लाख सहयोग राशि की घोषणा की गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस द्वारा किया गया । अति विशिष्ट अतिथि के रूप में राजनांदगांव के पूर्व सांसद मा. अभिषेक सिंह जी, हस्तशिल्प विकास कला बोर्ड की अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्रीमती शालिनी राजपूत जी, राजनांदगांव भाजपा जिला अध्यक्ष माननीय कोमल राजपूत जी, डोंगरगांव के स्थानीय जिला पंचायत, जनपद सदस्य, नगर पालिका के अंजू त्रिपाठी जी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव प्रवक्ता.कॉम 30 मार्च 2026
राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ का दो दिवसीय 62 वां वार्षिक महाधिवेशन राजनांदगांव जोन क्रमांक 5 के उप समिति डोंगरगांव में ऐतिहासिक रूप से, अति उल्लासपूर्वक, गरिमामई रूप से संपन्न हुआ।। अधिवेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री माननीय गजेंद्र यादव जी द्वारा 30 लाख सहयोग राशि की घोषणा की गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस द्वारा किया गया । अति विशिष्ट अतिथि के रूप में राजनांदगांव के पूर्व सांसद मा. अभिषेक सिंह जी, हस्तशिल्प विकास कला बोर्ड की अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्रीमती शालिनी राजपूत जी, राजनांदगांव भाजपा जिला अध्यक्ष माननीय कोमल राजपूत जी, डोंगरगांव के स्थानीय जिला पंचायत, जनपद सदस्य, नगर पालिका के अंजू त्रिपाठी जी उपस्थित रहे।। कार्यक्रम में महासभा के हमारे पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भूपेंद्र सिंह चौहान जी, ठाकुर उजियार सिंह पवार जी, ठाकुर होरी सिंह डौड़ जी की उपस्थिति कार्यक्रम का गौरव बढ़ाया।। अधिवेशन स्थल मंच से सम्माननीय जनों के विचारों में यूजीसी बिल का विरोध तथा हमारे महासभा के संस्थापक सदस्यों की सराहना तथा केंद्रीय कार्यकारिणी निर्णय की पुस्तिका प्रकाशन एवं महासभा के लिए बहुत ही महती योजना भूमि क्रय के संबंध में चर्चा हुई।। राजपूत क्षत्रिय महासभा के प्रचार सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया की कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव रहे मुख्य अतिथि

इस अधिवेशन में छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री और राजनांदगांव के प्रभारी गजेंद्र यादव को समाज ने मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित कर सम्मानित किया । उन्होंने इस अवसर पर समाज के गौरवशाली इतिहास, वीरता और परंपराओं पर अपने बात रखे। उन्होंने
छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाने का संदेश दिया। समाजजनों के साथ संवाद कर वर्तमान समय में धार्मिक एकता, संस्कार और सामाजिक उत्थान के महत्व पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजनादगांव जोन की सभी 7 उपसमितियों ने बेहतरीन कार्य किया

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु राजनांदगांव जोन के सभी सातों उप समिति के पदाधिकारी की आपसी सहयोग तथा उप समिति डोंगरगांव के समस्त पदाधिकारी, कार्यक्रम के संयोजक ठाकुर पवन सिंह जी, सहसंयोजक श्रीमती राखी मिथिलेश ठाकुर जी, श्रीमती निशा प्रशांत ठाकुर जी, उप समिति डोंगरगांव जोन प्रभारी एवं महासभा कोषाध्यक्ष नीरज सिंह क्षत्रिय जी, डोंगरगांव अधिवेशन स्थल क्षेत्र की पार्षद श्रीमती पद्मिनी ठाकुर जी, प्रवेश सिंह जी, अमर सिंह जी, विनोद सिंह जी, बनाफर जी, डोंगरगांव महिला मंडल की टीम, युवा मंडल की टीम ने अपना विशेष योगदान दिया।।
विविध कार्यक्रम के आयोजन के साथ प्रतिभावान छात्रों का हुआ सम्मान , यूजीसी बिल का हुआ विरोध
अधिवेशन कार्यक्रम में बहुत ही बढ़िया शोभायात्रा निकाली गई, वार्षिक पत्रिका शौर्य का विमोचन, उत्कृष्ट उप समिति थानखमरिया एवं धमधा को दिया गया, दो जोड़े का आदर्श सामूहिक विवाह, दोनों दिवस स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, छात्राओं द्वारा रंगोली, मेहंदी, चित्रकला प्रतियोगिता, खुला मंच में अपने-अपने विचार का आदान प्रदान, वार्षिक प्रतिवेदन महासचिव कोषाध्यक्ष का अनुमोदन, महासभा केंद्रीय कार्यालय हेतु भूमि क्रय के लिए सम्माननीय जनों द्वारा राशि की घोषणा की गई, 12वीं बोर्ड परीक्षा में 37 उप समिति में सर्व प्रथम आने वाले को पुरस्कार प्रदान किया, प्रतिभावान छात्र-छात्राओं 10वीं 12वीं में प्रथम आने वाले को पुरस्कृत किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में चयनित, जनप्रतिनिधि एवं राज्यपाल से पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका को सम्मानित किया गया । युवक – युवती परिचय सम्मेलन, युवाओं को रोजगार प्रदान हेतु कैरियर काउंसलिंग एवं विवाह संबंध विच्छेद होने पर काउंसलिंग, सम्माननीय जनों द्वारा समाज हित एवं विकास के लिए प्राप्त सुझाव जैसे कार्यक्रम हेतु बहुत ही जल्दी एक बैठक रखकर कार्यक्रम आयोजित करने रूपरेखा बनाई गई है।। कार्यक्रम को सफल बनाने अपना बहुमूल्य समय निकालकर अधिवेशन में उपस्थित होने दूर दराज से आकर कार्यक्रम को सफल बनाया ।






