संघ प्रमुख मोहन भागवत का छत्तीसगढ़ दौरा– प्रांत पुनर्गठन और संगठनात्मक बैठकों पर रहा विशेष जोर
संघ प्रमुख रायपुर और बिलासपुर विभाग बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा, शताब्दी वर्ष के कार्यों की समीक्षा
बिलासपुर प्रवक्ता.कॉम 22 अक्टूबर 2026
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत अपने निर्धारित दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर इंटरसिटी एक्सप्रेस से बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुँचे। स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच सीधे कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर के लिए रवाना हो गए।
संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में अखिल स्तर की बैठक में छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में बांटने पर गंभीर चर्चा हो सकती है।

काम का होगा विकेंद्रीकरण: रायपुर और बिलासपुर बनेंगे नए विभाग
फिलहाल छत्तीसगढ़ में आरएसएस का एक ही ‘प्रांत प्रमुख’ पद है जिसके पास पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी होती है। नए प्रस्ताव के तहत छत्तीसगढ़ प्रांत को दो भागों—रायपुर और बिलासपुर विभाग में विभाजित किया जा सकता है। वर्तमान में पूरे छत्तीसगढ़ प्रांत को 11 विभागों में बांटा गया है, जिसमें विभाजन के बाद रायपुर के अंतर्गत 6 और बिलासपुर के अंतर्गत 5 विभाग शामिल होंगे। इस व्यवस्था से संघ के कामकाज का विकेंद्रीकरण होगा, साथ ही प्रांत प्रमुख सहित कई मौजूदा पद समाप्त किए जा सकते हैं और उनकी जगह नए पदों का गठन किया जा सकता है। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत इस विषय पर स्थानीय और प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ विशेष चर्चा कर रहे हैं।
प्रांत कार्यकारिणी की बैठक और शताब्दी वर्ष की समीक्षा

दौरे के दूसरे दिन डॉ. मोहन भागवत ने छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में बिलासपुर नगर के 11 उपनगरों सहित पूरे छत्तीसगढ़ से संघ के प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। हालांकि, इन बैठकों की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए भाजपा सहित संघ के अन्य आनुषंगिक संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रखा गया है।
बैठकों के दौरान संघ के शताब्दी वर्ष के तहत तय किए गए विभिन्न कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की जा रही है। प्रांत, विभाग और योजना प्रमुख अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगामी रणनीतियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संघ प्रमुख के इस दौरे को सांगठनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रांत पुनर्गठन और युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर
दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ में संघ की कार्यपद्धति और संगठन संरचना को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की चर्चा है। भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में पुनर्गठित करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनने की संभावना पर मंथन किया जा रहा है। इसके अलावा, संगठन में 40 वर्ष से कम आयु के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें वैचारिक रूप से जोड़ने की नई रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संघ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चली मैराथन बैठकों के बाद, संघ प्रमुख के आगामी कार्यक्रमों के लिए तय गंतव्य की ओर प्रस्थान करने का कार्यक्रम है।






