Breaking Newsछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ का इतिहासजरा हटके
Trending

छत्तीसगढ़ के सिरपुर को मिली ऐतिहासिक पहचान – यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल हुई प्राचीन सांस्कृतिक नगरी, मिला वैश्विक सम्मान

​यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत को विश्व मंच पर स्थापित करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक मजबूत संदेश भी देती है।

छत्तीसगढ़

Join WhatsApp

रायपुर / सिरपुर

प्रवक्ता.कॉम 21 अक्टूबर 2026

​ छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नया इतिहास रच दिया है। महासमुंद जिले में महानदी के तट पर बसी प्राचीन नगरी सिरपुर (श्रीपुर) को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में मिली इस उपलब्धि से प्रदेश की प्राचीन संस्कृति को वैश्विक पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

​लगभग डेढ़ हजार वर्षों का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास

​पाण्डुवंशी शासकों के शासनकाल में दक्षिण कोसल की राजधानी रहा सिरपुर अपनी अद्भुत स्थापत्य कला, दुर्लभ मूर्तिकला और धार्मिक सहिष्णुता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। सातवीं शताब्दी में महान चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी इस ऐतिहासिक नगर की यात्रा की थी और यहां बौद्ध धर्म की समृद्ध परंपरा का विशेष उल्लेख किया था। सिरपुर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां शैव, वैष्णव, बौद्ध और जैन धर्मों का अनूठा सहअस्तित्व देखने को मिलता है।

​सिरपुर की प्रमुख धरोहरें और विशेषताएं

लक्ष्मण मंदिर

लगभग सातवीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर प्राचीन भारतीय ईंट स्थापत्य कला और सूक्ष्म शिल्पांकन का सर्वश्रेष्ठ और जीवंत उदाहरण है।

बौद्ध विहार और महाविहार

आनंदप्रभु कुटी विहार, स्वास्तिक विहार और तीवरदेव महाविहार प्राचीन भारत में महायान बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं।

गंधेश्वर महादेव मंदिर

महानदी के पवित्र तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर आस्था, इतिहास और कला का सुंदर संगम है।

सुरंग टीला और राम मंदिर

अपनी विशिष्ट ताराकृति योजना और प्राचीन वास्तुकला के लिए पुरातात्विक प्रेमियों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धातु मूर्तियां

सिरपुर से उत्खनन में प्राप्त सातवीं-आठवीं शताब्दी की दुर्लभ धातु प्रतिमाएं देश के विभिन्न संग्रहालयों के साथ-साथ इंग्लैंड, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में भी प्रदर्शित की जा चुकी हैं।

​पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

​यूनेस्को की अस्थायी सूची में नाम दर्ज होने से सिरपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। इस वैश्विक पहचान से देश-विदेश के पर्यटकों, शोधकर्ताओं और इतिहासकारों का रुझान छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, होटल, होमस्टे, हस्तशिल्प और पर्यटन सेवाओं के विस्तार के नए द्वार खुलेंगे।

​यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत को विश्व मंच पर स्थापित करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक मजबूत संदेश भी देती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button