ब्याज में पैसा देने वालों के लिए चेतावनी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कर्जदारों को परेशान करने वाले कर्जदाताओं को 10 साल तक कैद
ऑनलाइन लोन , ऐप के माध्यम से लोन , ब्याज में पैसा देने के संबंध में शीर्ष न्यायालय ने की टिप्पणी
नई दिल्ली प्रवक्ता.कॉम 24 मार्च 2026
अवैध तरीके से कर्ज देने वाले संस्थानों पर लगाम कसने के लिए लाए जा रहे नए विधेयक के मसौदे के अनुसार, रिश्तेदारों के कर्ज को छोड़कर अन्य किसी भी गैर विनियमित ऋण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और उधारकर्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए व्यापक तंत्र बनाने के लिए कानून लाने का भी प्रस्ताव है। अगर कोई भी ऋणदाता इस कानून का उल्लंघन करते हुए कर्ज देता है तो उसे कम से कम दो साल की कैद की सजा होगी। इसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही दो लाख से एक करोड़ का जुर्माना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए एक फैसले के बाद अपनी टिप्पणी दी ।
प्रस्तावित विधेयक में कर्जदारों को परेशान करने या कर्ज वसूली के लिए गैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल करने वाले कर्जदाताओं को तीन से लेकर 10 साल तक
ऑनलाइन एप के माध्यम से कर्ज देने वालों को संख्या बढ़ी
कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें लोगों को कर्ज एप के जरिये ठगा गया है। कुछ मामलों में जबरन वसूली के तरीके से दुखी होकर कई कर्जदारों ने आत्महत्या भी कर ली। इनके प्रसार पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मंचों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि वे धोखाधड़ी वाले ऋण ऐप के विज्ञापन न दिखाएं। गूगल ने सितंबर, 2022 और अगस्त, 2023 के बीच प्ले स्टोर से इस तरह के 2,200 से अधिक कर्ज एप हटा दिए थे।
की कैद और जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। अगर ऋणदाता, उधारकर्ता या संपत्ति कई राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित है या कुल राशि सार्वजनिक हित को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करने के लिए बड़ी है तो जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी।






