जिला शिक्षा अधिकारी ने सर्विस बुक संधारण में लेने देन की मांगी जांच प्रतिवेदन शिकायत कर्ता नहीं शिक्षक संगठन बताएंगे पैसे लिए गए या नहीं ?
जांच का ऐसा अद्भुत फार्मूला तो सी बी आई के पास भी नहीं होगा , मंत्री के संज्ञान में प्रकरण को लाने की आवश्यकता
रायपुर/ कोरबा प्रवक्ता. कॉम 4 नवंबर 2025
कोरबा जिले के कुछ विकास खंड में शिक्षकों से कार्यालय के बाबुओं के द्वारा सर्विस बुक संधारण , अवकाश स्वीकृति , पदोन्नति पश्चात पदस्थापना सहित कई अन्य प्रकरण में पैसों की मांग किए जाने के संबंध में खबर का प्रकाशन प्रवक्ता .कॉम ने किया था । इस खबर के बाद डीईओ। कोरबा के द्वारा इस मामले की जांच के संबंध में आदेश जारी किया गया है ।

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष तरुण राठौर और संयुक्त शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश बघेल ने इस संबंध में विज्ञप्ति जारी की थी ।

जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा ने जांच के संबंध में जो आदेश जारी किया है उसके पैटर्न पर ध्यान देने की जरूरत उन्होंने इस निर्देश में शिकायत कर्ताओं से कथन प्राप्त करने के बजाय उसी कार्यालय को जिसके विरुद्ध शिकायत है को अन्य शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों से बयान लेकर प्रस्तुत करने को कहा है । इसका मतलब यह है कि जिसके विरुद्ध शिकायत हुई है वही अपनी जांच कर प्रतिवेदन प्रदान करेगा ।दुनिया की किसी भी जांच एजेंसी ने जांच के अद्भुत तरीके को नहीं आजमाया होगा । सी बी आई को भी जांच का के ऐसे फार्मूले की जानकारी नहीं होगी।
विधि विशेषज्ञ की राय के अनुसार यह सरासर जांच की गलत पद्धति है । इस तरह से निष्पक्ष जांच संभव नहीं है ।
कोरबा जिले के उन शिक्षकों के बयान लिए जाने की जरूरत है जिन्होंने सर्विस बुक संधारण के संबंध कोई आवेदन प्रस्तुत किया है ऐसे शिक्षकों को बंद कमरे में निष्पक्ष जांच अधिकारी द्वारा कथन लेकर , शिकायत कर्ताओं के कथन के साथ जांच प्रतिवेदन देना चाहिए।
प्रकरण की जांच जिला प्रशासन या डीपीआई करे – यह एक बड़ी धन राशि के संगठित लेन देन का मामला है । जिला शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध भी जांच जरूरी है इसलिए इस प्रकरण की जांच जिला प्रशासन कोरबा को करवानी चाहिए । लोक शिक्षण संचालनालय को शिकायत कर्ताओं के द्वारा प्रकरण की शिकायत करने के बाद जांच का स्तर खुद ही उच्च स्तर पर शिफ्ट हो जाएगा ।






