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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस के नाम पर 100 करोड़ की हो चुकी है बर्बादी जिम्मेदार कौन ? जब टैबलेट खरीदे हैं तो वीएसके एप से हाजिरी क्यों?


रायपुर प्रवक्ता.कॉम 5 दिसंबर 2025

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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के विद्या समीक्षा ऐप में हाजरी को लेकर घमासान मचा हुआ है।
विभाग शिक्षा में गुणवत्ता और स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के नाम पर ऐप के माध्यम से हाजरी लगवाने में आमादा है।
इससे पहले छत्तीसगढ़ में राज्य के 55 हजार से अधिक स्कूलों में 100 करोड़ खर्च करके ठीक इसी प्रकार से शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए यह प्रयास 2017 –18 में कर चुका है तब 50, करोड़ की भारी रकम खर्च कर कॉसमॉस टैबलेट खरीदे गए थे। जिसके माध्यम से शिक्षकों और छात्रों की जानकारी मध्यान्ह भोजन के डाटा कलेक्ट किए जाते थे । इसके बाकायदा शिक्षकों के फिंगरप्रिंट शिविर लगाकर लिए गए थे। योजना अच्छी थी लेकिन सफल नहीं हुई ।
उस समय के तात्कालिक लोक शिक्षण संचालक एस. प्रकाश ने इसके लिए काफी प्रयास भी किया था । स्कूलों के यू डाइस को अपडेट करने के कार्य की शुरुआत तभी से हुई थी। लेकिन यह योजना कुछ ही महीनों में दम तोड़ गई । अब भी राज्य के स्कूलों में यह टैब जीर्ण शीर्ण अवस्था में पड़ा होगा यह कहानी उस पैसे की बर्बादी की है जो जनता के टैक्स से आती है।


सरकारी टैब खरीदी और योजना के फेलियर के जवाबदेही तय नहीं हुई कोई पूछने वाला भी नहीं – इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने शाला कोष योजना के तहत की गई थी । जिसमें 56 करोड़ की राशि टैबलेट खरीदी हुई और 44 करोड़ की राशि का प्रावधान इसकी मरम्मत के लिए किया गया था। लेकिन इन पैसों का क्या हुआ ,कितने खर्च हुए ,योजना कोलैप्स क्यों हुई , किसी ने पूछा ही नहीं रायपुर जिले के 1400 से अधिक स्कूलों में भी यह योजना फेल हो गई जो राजधानी के विकसित क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

अब फिर से एक योजना विद्या समीक्षा के नाम पर आ चलाई जा रही है।
योजना का उद्देश्य – इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य भी शिक्षकों के समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना था जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़े ।
शिक्षकों के ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर वेतन व्यवस्था निर्मित हो तथा मध्यान्ह भोजन के वास्तविक आंकड़े शाला कोष ऐप के माध्यम से एकत्रित किया जा सके।
शिक्षा के स्तर की सटीक मॉनिटरिंग करना भी इसके लक्ष्य में शामिल था।

अभी भी उपयोग किया जा सकता है – छत्तीसगढ़ में अब शिक्षकों के फिर से ऑनलाइन हाजिरी के लिए vsk मोबाइल एप के स्थान पर इन टेबलेट का उपयोग किया जा सकता है । चूंकि यह एक सरकारी डिवाइस है इसलिए इसमें निजी मोबाइल के इस्तेमाल का आरोप भी नहीं लगेगा , शिक्षकों के पर्सनल डाटा की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान भी निकल सकता है। शिक्षक संगठनों को इस संबंध में विभाग से बातचीत करनी चाहिए
एक टैबलेट की कीमत 11600 थी – तब खरीदे गए हर एक टैब के लिए 11 हजार 6 सौ रुपए खर्च किए गए थे । छत्तीसगढ़ में कुल 48600 सौ से अधिक टैब की खरीदी हुई थी जिसकी कुल कीमत 56.36 करोड़ थी । मेंटेनेंस के नाम पर 50 करोड़ रखे गए
राज्य के 2691 हायर सेकेंडरी ,1950 हाई स्कूल ,30656 प्राथमिक और13313 मिडिल स्कूलों में यह टैब सप्लाई किए गए थे । जो कबाड़ हो चुके हैं।

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