रायपुर प्रवक्ता.कॉम 9 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में मार्च की शुरुआत के साथ ही तेज गर्मी ने दस्तक दे दी है। कई शहरों में तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पारा 40 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना जताई है। बदलते जलवायु परिदृश्य के बीच स्कूली बच्चों की दिनचर्या पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
प्रदेश के विद्यालयों में अब भी शीतकालीन पुरानी समय सारिणी लागू है, जिसके चलते बच्चे दोपहर 4 बजे के बाद तपती धूप में घर लौटने को मजबूर हैं। अभिभावकों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों को सिरदर्द, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो रही हैं। छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण
बन गई है। शिक्षक संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। इनका कहना है कि 1 अप्रेल से ग्रीष्मकालीन समय लागू करने का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 11 .30बजे तक कर देना चाहिए। इससे बच्चों को राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ पालक संघ के प्रवक्ता विजय सिंह ने भी विभाग से तत्काल निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में शिक्षा विभाग को पारंपरिक कैलेंडर के बजाय परिस्थितियों के अनुसार लचीला रुख अपनाना चाहिए।






