छत्तीसगढ़: नहीं बढ़ेगी गर्मी की छुट्टी, 16 जून से खुलेंगे स्कूल; शिक्षकों को ऑनलाइन दर्ज करनी होगी उपस्थिति

रायपुर प्रवक्ता .कॉम 12 जून 2026
छत्तीसगढ़ में स्कूली छात्रों और शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य में इस बार गर्मी की छुट्टियां आगे नहीं बढ़ाई जाएंगी। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (क्र./विद्या/50/शाला संचालन/2026-27/271) के अनुसार, प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों को 16 जून 2026 (मंगलवार) से पूरी तरह से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, विभाग ने शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की हाजिरी और छुट्टी को लेकर बेहद कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों का जून महीने का वेतन रोका जा सकता है।
16 जून से सुचारू रूप से चलेंगी कक्षाएं

आदेश के मुताबिक, राज्य में 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रभावी था, जो अब समाप्त हो रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून से शुरू हो जाएगा। प्रथम दिवस से ही सभी स्कूलों में समय-सारणी (Time-Table) के अनुसार अध्यापन कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य, नहीं तो वेतन ‘शून्य‘

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी एक अन्य महत्वपूर्ण आदेश (क्र/एम.आई.एस./N-123/2026/428) के तहत, सभी शालाओं के कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए 16.06.2026 से अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है:
VSK App पर हाजिरी: विद्या समीक्षा केंद्र द्वारा विकसित VSK App के माध्यम से सभी कर्मचारियों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करनी होगी। ऐप में उपस्थिति दर्ज न होने की स्थिति में कर्मचारी की उपस्थिति ‘शून्य’ मानी जाएगी और जून माह का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
AEBAS सिस्टम: सभी कार्यालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों को Aadhar Enabled Biometric Attendance System (AEBAS) के माध्यम से उपस्थिति देना सुनिश्चित करना होगा। ऐसा न करने पर 16 जून से उपस्थिति शून्य मानते हुए वेतन रोक दिया जाएगा।
ऑफलाइन छुट्टी पर पूरी तरह रोक
शिक्षकों और अधिकारियों के लिए अब ऑफलाइन मोड में छुट्टी के आवेदन देना बीते दिनों की बात हो गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:
समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के अवकाश आवेदन केवल विभागीय HRMIS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे।
ऑफलाइन मोड में आवेदन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। यदि किसी अधिकारी द्वारा ऑफलाइन आवेदन स्वीकृत किया जाता है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के इस कड़े रुख से साफ है कि नए शैक्षणिक सत्र में पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।





