NewsTop Newsलाइफ स्टाइल
Trending

58 लाख की मासिक वेतन के बाद भी मानसिक शान्ति नहीं 24 साल के युवा इंजीनियर ने बताई पीड़ा एक्स पर लिखा कैसे शांति मिलेगी ?

बेंगलुरू में रहने वाले युवक ने ट्वीट कर कहा- अकेलेपन में जी रहा

प्रवक्ता कॉम एजेंसी बेंगलुरू

Join WhatsApp

मैं 24 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं। मेरा सैलरी पैकेज 58 लाख रुपए का है। काम का भी कोई तनाव नहीं है। बेंगलुरू जैसे शहर में सारी सुविधाओं के साथ रह रहा हूं। लेकिन मैं अकेला पड़ गया हूं। मेरे सभी दोस्त अपनी जिंदगी में व्यस्त हैं। मेरी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है, जिससे मैं कुछ शेयर कर सकूं। मैं अकेलेपन से परेशान हूं। एक ही तरह की जिंदगी से बोर हो गया हूं। मैंने इसी कंपनी से काम शुरू किया था। यहां से छोड़कर दूसरी जगह जाने की हिम्मत भी नहीं होती। नए चैलेंज लेने से डरने लगा हूं। मैं अपनी जिंदगी से खुश नहीं हूं। मैं क्या करूं? कैसे खुशी हासिल करूं?

आईटी प्रोफेशनल ने अपना दर्द ट्विट किया है। उसके पास सुख के वे सारे साधन हैं, जिन्हें पाने के बाद लोगों को लगता है कि वे खुश रहेंगे। उसके ट्विट करने के बाद कई लोगों का कहना है

कि वे ऐसी ही जिंदगी से गुजर रहे हैं, जहां खूब पैसा है। सुख-सुविधाएं हैं, लेकिन खुशी नहीं है। कई ने जिम जाने से लेकर, घूमने जाने तक की कई कोशिशें भी की, लेकिन खुशी नहीं मिली। अब इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है कि क्या वास्तव में पैसे से खुशी खरीदी जा सकती है। इस बारे में कई अलग-अलग रिसर्च हैं, कुछ कहते हैं कि खुश रहने के लिए पैसा जरूरी है तो कुछ का कहना है कि पैसों से खुशी नहीं खरीदी जा सकती।

यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया में आय और खुशी को लेकर एक शोध हुई। यह शोध करने वाले व्हार्टन स्कूल के वरिष्ठ फेलो किलिंग्सवॉर्थ कहते हैं- समृद्धि के साथ खुशी बढ़ती है, लेकिन बहुत ज्यादा पैसा भी बहुत ज्यादा खुशी नहीं देता। एक दूसरे शोध में कहा गया है कि परिवार और दोस्तों का साथ ही इंसान को खुश रखता है। इंसान एक सामाजिक प्राणी है। इसलिए वह किसी भी सुख-सुविधा का अकेले खुश नहीं रह सकता।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button