सुप्रीम कोर्ट में टीईटी प्रकरण पर बड़ा अपडेट: 21 अप्रैल को त्रिपुरा सरकार के रिजॉइनडर और मध्यप्रदेश सरकार का पक्ष सुन सकती है कोर्ट
कोर्ट नंबर 8 में केस नंबर 24 के रूप में सूचीबद्ध इस मामले में, त्रिपुरा सरकार द्वारा 2 अप्रैल को दायर किए गए रिजॉइंडर (जवाबी हलफनामे) पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। यह मामला देशभर के शिक्षकों के भविष्य के लिय महत्वपूर्ण है
दिल्ली/ भोपाल
प्रवक्ता.कॉम 19 अप्रैल 2026
सुप्रीम कोर्ट में टीईटी से जुड़े मामलों में एक बड़ा अपडेट आया है । देश भर में इस समय शिक्षकों के और सरकार के बीच हाहाकार और आर पार मची हुई है । कल ही मध्यप्रदेश के भेल मैदान में हजारों शिक्षकों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगे दोहराई और टीईटी परीक्षा को नकार दिया है। अध्यापकों के संयुक्त मोर्चा ने यह प्रदर्शन किया था जिसे मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा का नाम दिया गया था।
त्रिपुरा बनाम केंद्र सरकार

TET अनिवार्यता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में निर्णायक सुनवाई अब 21 अप्रैल 2026 को होगी। कोर्ट नंबर 8 में केस नंबर 24 के रूप में सूचीबद्ध इस मामले में, त्रिपुरा सरकार द्वारा 2 अप्रैल को दायर किए गए रिजॉइंडर (जवाबी हलफनामे) पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। यह मामला देशभर के शिक्षकों के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
सुनवाई की मुख्य बातें: तय हो सकता है किसे छूट मिलेगी किसे नहीं
दिनांक और स्थान: 21 अप्रैल 2026, कोर्ट नंबर 8, केस नंबर 24।
विषय: 1 सितंबर 2025 के उस आदेश पर पुनर्विचार, जिसने 5 वर्ष से अधिक सेवा शेष वाले शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य कर दिया था।
महत्व: यह सुनवाई लाखों उन शिक्षकों को प्रभावित करेगी जिन्होंने अभी तक TET उत्तीर्ण नहीं किया है।
संदर्भ: पहले यह सुनवाई 14 अप्रैल को होनी थी, लेकिन अवकाश के कारण स्थगित कर दी गई थी, जिससे कोर्ट की गंभीरता का पता चलता है।
शिक्षकों के वकील और विभिन्न राज्य सरकारें (जैसे त्रिपुरा और मध्य प्रदेश) अपने पक्ष रख रही हैं। इस सुनवाई से यह तय होगा कि क्या शिक्षकों को TET से छूट मिलेगी या यह तय हो सकता है।






