MP में भर्ती प्रक्रिया का नया फॉर्मूला: अब सरकारी नौकरी के लिए अनिवार्य होगी ‘पात्रता परीक्षा’, स्कोर कार्ड के आधार पर मिलेगा मौका
तरह की पात्रता परीक्षाएं: कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) हर साल तीन कैटेगरी में पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा: सामान्य पात्रता परीक्षा तकनीकी पात्रता परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा

भोपाल: प्रवक्ता.कॉम 23 मई 2026
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। सरकार ने साल 2013 के पुराने नियमों को खत्म कर नए भर्ती नियमों का एक ड्राफ्ट (प्रारूप) तैयार किया है। इस नए नियम के तहत अब मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की बड़ी क्लास-1 और क्लास-2 परीक्षाओं को छोड़कर, बाकी सभी सरकारी भर्तियों के लिए ‘पात्रता परीक्षा’ पास करना और उसका ‘स्कोर कार्ड’ होना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
कब होगी लागू
यह नई व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से पूरे प्रदेश में लागू करने का प्रस्ताव है। सरकार ने इस ड्राफ्ट पर 5 जून 2026 तक आम जनता, अभ्यर्थियों और विशेषज्ञों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
क्या है नया नियम और कैसे मिलेगी नौकरी?
अब तक विभिन्न सरकारी विभाग अपनी-अपनी खाली सीटों के लिए अलग से सीधी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
बार-बार परीक्षा से मुक्ति: नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को हर विभाग के लिए बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी होंगी।
तीन तरह की पात्रता परीक्षाएं: कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) हर साल तीन कैटेगरी में पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा:
सामान्य पात्रता परीक्षा
तकनीकी पात्रता परीक्षा
शिक्षक पात्रता परीक्षा
मिलेगा स्कोर कार्ड: पात्रता परीक्षा में एक निश्चित न्यूनतम अंक हासिल करने वाले सभी अभ्यर्थियों को एक स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा।
स्कोर कार्ड से सीधा आवेदन: जब भी किसी विभाग में नौकरियां निकलेंगी, अभ्यर्थी इसी स्कोर कार्ड के आधार पर सीधे मुख्य परीक्षा या चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकेंगे।
स्कोर कार्ड कितने समय के लिए वैध रहेगा?
स्कोर कार्ड कितने समय के लिए वैध रहेगा?
परीक्षा का प्रकार स्कोर कार्ड की वैधता (Validity)
सामान्य पात्रता परीक्षा रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद, अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक।
तकनीकी पात्रता परीक्षा रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद, अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पात्रता जीवनभर रहेगी, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उपयोग की समय सीमा तय होगी।
विभागों की मनमानी पर रोक, अब ESB ही कराएगा भर्तियां
नए नियमों के लागू होने के बाद, मध्य प्रदेश का कोई भी सरकारी विभाग अपने स्तर पर अलग से कोई स्वतंत्र भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेगा। MPPSC को छोड़कर क्लास-3 और अन्य सभी सरकारी पदों की पूरी भर्ती प्रक्रिया केवल कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से ही पूरी की जाएगी।
सरकार का तर्क: इस ऑनलाइन और स्कोर कार्ड आधारित व्यवस्था से भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी, बार-बार होने वाले पेपर लीक या विवादों पर लगाम लगेगी और अभ्यर्थियों का समय व पैसा दोनों बचेगा।





