नागपुर में RSS के मंच से मोहन भागवत और उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला ने देश और दुनिया को दिया यह बड़ा संदेश !
RSS कार्यकर्ता विकास वर्ग का समापन: डॉ. मोहन भागवत और कुमार मंगलम बिरला ने रेखांकित की भारत की वैश्विक भूमिका : संघ प्रमुख ने शक्ति और संगठन पर दिया जोर
नागपुर प्रवक्ता.कॉम 04 जून 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय नागपुर में आयोजित ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ के समापन समारोह से देश और दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश सामने आया है। संघ के इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इस बार देश के प्रख्यात उद्योगपति और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मंच से संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल, भारत के ‘अमृत काल’ और एआई (AI) जैसी तकनीकों पर देश का मार्गदर्शन किया।
डॉ. मोहन भागवत का बयान: “केवल सत्य काफी नहीं, दुनिया शक्ति का आदर करती है”
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में वैश्विक संघर्षों और युद्धों का जिक्र करते हुए देश को आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शक्ति ही सम्मान दिलाती है:
सरसंघचालक ने कहा, “दुनिया की कड़वी सच्चाई यह है कि जो देश शक्तिशाली नहीं हैं, उन्हें ताकतवर देशों के सामने झुकना पड़ता है। दुनिया सिर्फ ताकत की भाषा सुनती है। केवल सत्य होना काफी नहीं है, शक्ति ही सम्मान दिलाती है।”
वैश्विक मंदी और भारत की भूमिका: उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी कोने में हो रहे युद्धों (जैसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें) का असर सीधे भारत पर भी पड़ता है। दुनिया आज संघर्षों से दूर विकास का एक नया विकल्प तलाश रही है और यह विकल्प केवल भारत ही दे सकता है।
विश्वगुरु बनने में क्या है कमी?: मोहन भागवत ने स्पष्ट कहा, “हम लंबे समय से कह रहे हैं कि भारत को विश्वगुरु बनना है। लेकिन हमें कौन रोक रहा है? हमारी खुद की तैयारी, जो अभी भी अधूरी है। हमें एक समाज के रूप में और अधिक सक्षम होना होगा।”
उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला: “संघ हमेशा राष्ट्र के साथ खड़ा रहा, यह दौर भारत का है”

समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे पद्मभूषण कुमार मंगलम बिड़ला ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यों की जमकर सराहना की। 100 साल पूरे करने जा रहे संघ को लेकर उन्होंने कहा कि देश के चरित्र निर्माण में संगठन की भूमिका अतुलनीय है।
बिजनेस-बिल्डिंग ही नेशन-बिल्डिंग है: बिड़ला ने कहा, “हर वो व्यवसाय जो रोजगार पैदा करता है, तकनीक विकसित करता है और समाज की सेवा करता है, वो सीधे तौर पर राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है।”
एआई (AI) की क्रांति और चुनौतियां:
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे दरवाज़े पर दस्तक दे चुका है। यह तकनीक हाल के किसी भी आविष्कार की तुलना में इंसानी जीवन और अर्थव्यवस्थाओं को सबसे ज्यादा बदलने वाली है।
उन्होंने आगे कहा कि भले ही वैश्विक महाशक्तियों की होड़ के कारण आज उथल-पुथल का समय है, लेकिन यह दौर भारत का है। हमें आने वाले 10 वर्षों में 100 वर्षों के बराबर प्रगति की कल्पना के साथ आगे बढ़ना होगा।
संगठन का रिकॉर्ड विस्तार: देश भर में 88 हजार से अधिक शाखाएं
संघ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, संगठन की जमीनी पकड़ में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले एक वर्ष में संघ के कार्य का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। देश भर में संघ की दैनिक शाखाओं की संख्या में करीब 6,000 की वृद्धि हुई है, जिसके बाद अब कुल शाखाएं 88,000 से अधिक हो चुकी हैं। वहीं, संघ की उपस्थिति देश के 55,000 से ज्यादा स्थानों पर हो चुकी है।
नागपुर के मंच पर देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक कुमार मंगलम बिड़ला और संघ प्रमुख का एक साथ आना आर्थिक राष्ट्रवाद और सामाजिक शक्ति के नए तालमेल को दर्शाता है। यह संदेश साफ है कि भारत को वैश्विक पटल पर नेतृत्व करने के लिए अपनी आंतरिक क्षमता और सैन्य-आर्थिक ताकत दोनों को कई गुना बढ़ाना होगा।






