शताब्दी एक्सप्रेस में पथराव इसी ट्रेन में सवार थे संघ प्रमुख मोहन भागवत कुछ उपद्रवी हिरासत में लिए गए
मोहन भागवत की ट्रेन पर पथराव: फिरोजाबाद के पास स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर उपद्रवियों ने फेंके पत्थर, संघ प्रमुख सुरक्षित
फिरोजाबाद: प्रवक्ता .कॉम 11 जून 2026
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। लखनऊ से नई दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस (12003) पर कल (11 जून) शाम कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने पथराव कर दिया। इस ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास (E-1) कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत सवार थे। राहत की बात यह है कि इस घटना में संघ प्रमुख समेत सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

कैसे और कहाँ हुई घटना?
यह घटना मक्खनपुर और फिरोजाबाद रेलवे स्टेशनों के बीच की है। शाम के समय जब स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस अपनी सामान्य गति से दिल्ली की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक ट्रेन के E-1 कोच को निशाना बनाकर पत्थर फेंके गए।
नुकसान:
पत्थरों की चोट से कोच की एक खिड़की का शीशा टूट गया।
सुरक्षा स्थिति: धमाके की आवाज से कोच में थोड़ी देर के लिए हड़कंप मच गया, लेकिन ट्रेन में मौजूद सुरक्षाकर्मियों और रेलवे पुलिस (GRP) ने तुरंत मोर्चा संभाला। संघ प्रमुख मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की चोट नहीं आई है।
शुरुआती भ्रम और पुलिस का स्पष्टीकरण
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शुरुआत में इसे किसी बड़ी साजिश या सुनियोजित हमले से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस ने स्थिति को तुरंत स्पष्ट किया।
पुलिस प्रशासन का बयान:
“यह कोई सुनियोजित हमला या टारगेटेड घटना नहीं थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि रेलवे ट्रैक के आसपास मौजूद कुछ स्थानीय शरारती तत्वों (संभवतः बच्चों या उपद्रवियों) ने खेल-खेल में या बिना किसी विशेष इरादे के ट्रेन पर पत्थर फेंके थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जा रही है।”
जांच और कार्रवाई की स्थिति
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने आस-पास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया।
गिरफ्तारी/हिरासत:
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था:
घटना के बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना किया गया और दिल्ली पहुंचने तक सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया था। रेलवे ट्रैक के आस-पास के क्षेत्रों में भी गश्त बढ़ा दी गई




