छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर: स्मार्ट मीटर से बंद होगी गलत रीडिंग, मिलेगी सटीक बिलिंग
स्मार्ट मीटर राज्य की नहीं, केंद्र की राष्ट्रीय पहल; छत्तीसगढ़ में पूर्व सरकार के समय लिया गया था फैसला RDSS योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लग रहे हैं स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
रायपुर, 19 जून 2026
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने और विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के तहत तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। यह किसी राज्य सरकार की अलग योजना नहीं, बल्कि भारत सरकार की ‘पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना’ (RDSS) के तहत पूरे देश में लागू की गई एक राष्ट्रीय पहल है। राज्य सरकार इसी केंद्रीय योजना के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है।
पूर्ववर्ती सरकार के समय लिया गया था निर्णय, 40 लाख मीटर लगे
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर परियोजना लागू करने का निर्णय पूर्ववर्ती सरकार द्वारा वर्ष 2022 में लिया गया था। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया और कार्यादेश जारी होने पर फरवरी 2024 से मीटर लगाने का काम शुरू हुआ। वर्तमान सरकार पूर्व में जारी निविदाओं और अनुबंधों के आधार पर ही इस योजना को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में कुल 55 लाख उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का लक्ष्य है, जिनमें से अब तक लगभग 40 लाख मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।
उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये बड़े फायदे
स्मार्ट मीटर लगने से बिजली उपभोक्ताओं को कई तरह की आधुनिक सुविधाएं और राहत मिलेगी:
- सटीक बिलिंग: अब मीटर रीडर द्वारा गलत रीडिंग दर्ज होने की मानवीय गलतियां पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी।
- खपत पर निगरानी: बिजली की खपत का आंकड़ा हर 30 मिनट में अपडेट होगा, जिससे उपभोक्ता खुद अपने उपयोग की लाइव मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
- बेहतर वोल्टेज और बिजली आपूर्ति: रियल-टाइम डेटा मिलने से ओवरलोडिंग, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं की पहचान तुरंत होगी, जिससे उपभोक्ताओं को बिना रुकावट गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।
अतिरिक्त बोझ नहीं, व्यवस्था को पारदर्शी बनाना उद्देश्य: ऊर्जा विभाग
स्मार्ट मीटरिंग का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, तकनीकी-वाणिज्यिक हानियों को कम करना और पूरी व्यवस्था को जवाबदेह व तकनीक आधारित बनाना है।”
ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़
केंद्र सरकार की गाइड लाइन : केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में देशव्यापी स्मार्ट मीटरिंग योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करना और वितरण कंपनियों को घाटे से उबारना है। छत्तीसगढ़ में इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है।






