बड़ी खबर: 8वें वेतन आयोग के बीच पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली पर सरकार का साफ इनकार, संसद में दी गई जानकारी

नई दिल्ली:
प्रवक्ता.कॉम 30 जुलाई 2026
केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबरों को बड़ा झटका लगा है। संसद में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा बहाल करने का फिलहाल कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
संसद में क्या हुआ खुलासा?
राज्यसभा में 23 जुलाई 2026 को सत्र के दौरान सांसद आर. गिरिराज द्वारा यह सवाल उठाया गया था कि क्या सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करने पर विचार कर रही है।
इस पर श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के अनुसार, ओपीएस (OPS) की बहाली को लेकर सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
इन प्रमुख संगठनों ने की थी ओपीएस की मांग
8वें वेतन आयोग के गठन से पहले कई बड़े कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने की पुरजोर मांग उठाई थी, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
NC-JCM (नेशनल काउंसिल – ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी)
FNPO (फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइज़ेशन्स)
AIDEF (ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन)
AINPSEF (ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन)
IRTSA (इंडियन रेलवेज़ टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन)
क्यों उठ रही है ओपीएस की मांग?
कर्मचारियों और संगठनों का तर्क है कि मौजूदा एनपीएस (NPS) व्यवस्था पूरी तरह से शेयर बाजार के रिटर्न पर निर्भर करती है। इसके अलावा, कम सेवाकाल के साथ रिटायर होने वाले या देर से सेवा में आने वाले कर्मचारियों को भविष्य में बेहद कम पेंशन मिलने का जोखिम रहता है। इसके विपरीत, पुरानी पेंशन योजना में एक निश्चित और अनुमानित पेंशन मिलती है, जो कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पूर्ण वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
इसका क्या असर होगा?
- सरकार के इस स्पष्ट रुख से साफ है कि फिलहाल देश की पेंशन नीति में किसी तरह का बड़ा बदलाव नहीं किया जा रहा है।पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पुरानी व्यवस्था की बजाय NPS और UPS जैसी व्यवस्थाएं ही लागू रहेंगी।8वें वेतन आयोग को सौंपे गए विभिन्न ज्ञापनों (memoranda) में ओपीएस की मांग शामिल होने के बावजूद, सरकार ने फिलहाल इसे सिरे से खारिज कर दिया





