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भोजपुर एनकाउंटर मामला: CBI जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा अपडेट!”

भोजपुर एनकाउंटर केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई टली"

दिल्ली/बिहार

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प्रवक्ता.कॉम 22 जून 2026

बिहार के भोजपुर (शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव) में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले ने इस समय काफी तूल पकड़ा हुआ है।

​इस मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की मुख्य वजहें और पूरा घटनाक्रम नीचे दिया गया है:

​मामला सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचा?

​अधिवक्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था। याचिकाकर्ता की मुख्य मांगें हैं:

  • ​इस पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) या किसी स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) से कराई जाए।
  • ​घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।

​इस मामले की पृष्ठभूमि क्या है?

  1. पुलिस का दावा: पुलिस का कहना था कि 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी हथियार लहराकर हवा में फायरिंग कर रहा था। जब पुलिस और एसटीएफ की टीम उसे पकड़ने पहुंची, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद आत्मरक्षा (Self-defense) में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
  2. परिजनों और वायरल वीडियो का दावा: एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो और फेसबुक लाइव तेजी से वायरल हुआ। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि भरत ने अपनी पिस्टल फेंककर पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। भरत तिवारी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वह सामाजिक कार्यों से जुड़ा हुआ था।

​बिहार सरकार का इस पर एक्शन

​इस मामले को लेकर बिहार की सियासत और जनता में भारी आक्रोश है। विवाद बढ़ता देख:

  • ​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज से इस मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराने के आदेश दिए हैं।
  • ​इस घटना के वक्त मौके पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में स्थिति:

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस पर तत्काल/आपातकालीन सुनवाई से इनकार करते हुए इसे नियमित प्रक्रिया के तहत लिस्ट करने का संकेत दिया है।

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