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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिला अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल, विद्यालयी और उच्च शिक्षा के अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली:

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प्रवक्ता.कॉम 24 जून 2026

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की और शिक्षक समाज की प्रमुख चिंताओं व अपेक्षाओं से मंत्री महोदय को अवगत कराया।

​बैठक में मुख्य रूप से 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के मुद्दे और आगामी ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ को लेकर महासंघ के सुझावों पर गंभीर मंथन हुआ।

​ प्रमुख मुद्दे और मांगें:

  • वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से राहत की मांग: महासंघ ने वर्ष 2010 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता के विषय को प्रमुखता से उठाया। विधिक तथ्यों, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और मानवीय पक्ष का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे इन शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को एक न्यायसंगत, व्यावहारिक और संवेदनशील निर्णय लेना चाहिए।
  • विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 पर सुझाव: प्रस्तावित विधेयक को लेकर महासंघ ने अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान उच्च शिक्षा में संस्थागत स्वायत्तता, गुणवत्ता में सुधार, शिक्षक हितों का संरक्षण, पारदर्शिता, राज्यों की सहभागिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। महासंघ का सुझाव है कि इस विधेयक का स्वरूप ऐसा होना चाहिए जो भारतीय उच्च शिक्षा को अधिक सक्षम, समावेशी और राष्ट्रहितकारी बना सके।
  • कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) और शोध से जुड़ी समस्याएं: प्रतिनिधिमंडल ने कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) में आ रही दिक्कतों और कार्यरत शिक्षकों को पीएच.डी. करने में होने वाली कठिनाइयों को मंत्री के सामने रखा। इसके साथ ही विशेष रूप से कॉलेजों और छोटे राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए अनुसंधान (Research) के अवसरों और शोध अनुदान (Research Grants) के विस्तार की मांग की गई।
  • रिक्त पदों को जल्द भरने और बुनियादी ढांचे की मांग: बैठक में उच्च शिक्षण संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और मानव संसाधनों की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। महासंघ ने संस्थानों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने और नीतिगत हस्तक्षेप के जरिए इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान निकालने की अपील की।

​प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल:

​इस महत्वपूर्ण बैठक में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के निम्नलिखित पदाधिकारी शामिल थे:

  • प्रो. नारायण लाल गुप्ता (अध्यक्ष)
  • प्रो. गीता भट्ट (महामंत्री)
  • महेंद्र कपूर (संगठन मंत्री)
  • जी. लक्ष्मण (सह संगठन मंत्री)
  • महेंद्र कुमार (वरिष्ठ उपाध्यक्ष)
  • शिवानंद सिंदनकेरा (विद्यालय शिक्षा प्रभारी)
  • मोहन पुरोहित (अतिरिक्त महामंत्री)

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