स्कूल शिक्षा विभाग के अवकाश नियमों पर बड़ा आदेश; शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए गणना के नियम अलग-अलग
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शिक्षकों के अवकाश की गणना 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक की जा रही है जो कि नियम विरुद्ध है । शैक्षणिक कमचारी के अवकाश गणना में डीईओ सूरजपुर के निर्देश का अनुकरण करना उचित होगा
रायपुर /सूरजपुर प्रवक्ता .कॉम/25 जून 2026
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) की गणना को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।
आदेश भले ही 2024 का है लेकिन इस आदेश ने कई जिलों में अवकाश गणना की विसंगतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, सूरजपुर डीईओ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, जिले की कुछ शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा अवकाश के नियमों की गलत व्याख्या की जा रही थी, जिसे अब स्पष्ट कर दिया गया है।

अक्सर अलग-अलग जिलों या संस्थाओं में भ्रम की स्थिति के कारण नियमों को लेकर असमंजस रहता है, लेकिन सूरजपुर डीईओ के इस ताजा आदेश ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
शिक्षकों के लिए ‘शैक्षणिक सत्र’ और अन्य कर्मचारियों के लिए ‘कैलेंडर वर्ष’ मान्य
जारी आदेश (image.png) के मुताबिक, अवकाश की गणना के लिए दो अलग-अलग व्यवस्थाएं लागू हैं:
शिक्षकों के लिए नियम: शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े हुए शिक्षकों के लिए आकस्मिक अवकाश की गणना 1 जुलाई से 30 जून की अवधि (शैक्षणिक सत्र) के आधार पर निर्धारित की गई है।
शेष कर्मचारियों के लिए नियम: स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अन्य शेष (गैर-शैक्षणिक) कर्मचारियों के लिए अवकाश की गणना 1 जनवरी से 31 दिसम्बर (कैलेंडर वर्ष) के अनुसार की जाएगी।
गलत व्याख्या पर लगी रोक
डीईओ सूरजपुर द्वारा जारी किए गए ज्ञाप क्रमांक/ 201 /मु०लि०/2024 (दिनांक 08/01/2024) में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कुछ संस्थाएं कैलेंडर वर्ष का गलत संदर्भ लेते हुए शिक्षकों के अवकाश की गणना भी जनवरी से दिसंबर के बीच कर रही थीं। शासन के निर्देशानुसार यह पूरी तरह गलत है।
इन अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
इस आदेश के तहत जिले के सभी जिम्मेदार अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है, जिसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी: सूरजपुर, भैयाथान, ओड़गी, रामानुजनगर, प्रेमनगर, एवं प्रतापपुर।
समस्त प्राचार्य: जिले के सभी हायर सेकेण्ड्री, हाई स्कूल, और स्वामी आत्मानन्द विद्यालयों के प्राचार्य।





