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संलग्नीकरण पर अंतिम प्रहार: बीआरसी, एबीईओ, एपीसी और सहायक संचालक बने शिक्षकों को भी लौटना होगा अपनी मूल शाला में आदेश जारी रायपुर में डीईओ ने हटाने की कार्यवाही प्रारंभ की

संलग्नीकरण खत्म करने के तमाम आदेशों के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी के हाथ पाँव इन्हे स्कूल के लिए कार्यमुक्त करने में फूलने लगते हैं ,यही संलग्न शिक्षक अपने ही साथियों के बीच जाकर उनसे अफसरी झाड़ते हैं, मंत्रीजी ने इस बार सीधी रिपोर्ट मंगाई है , विधानसभा का मानसून सत्र भी है इसलिए सवाल भी पूछे जा सकते हैं क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही विभागों में मंत्रियों ने विधानसभा में इस व्यवस्था को खत्म करने की घोषणा की थी


प्रवक्ता.कॉम/ रायपुर

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28 जून 2026

छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रायपुर द्वारा जारी कड़े आदेशों के बाद अब संलग्नीकरण की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त होने जा रही है।
​जारी नए आदेश के मुताबिक, ऐसे कई शिक्षक जो अपनी मूल शालाओं को छोड़कर बीआरसी , एबीईओ, सहायक संचालक या एपीसी जैसे प्रशासनिक और कार्यालयीन पदों पर संलग्न होकर मलाईदार कुर्सियों पर जमे हुए थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से अपनी मूल पदस्थापना वाली संस्था (शाला) के लिए कार्यमुक्त किया जाएगा।
​समीक्षा बैठक में मंत्री ने दिए थे सख्त निर्देश
​विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्राचार (पत्र क्र./स्था.4/2026/17) के अनुसार, स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में इस कुप्रथा पर गहरी नाराजगी जताई गई थी। शासन ने स्पष्ट पाया है कि विभाग में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी मूल शैक्षणिक सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यालयों व संस्थाओं में गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न हैं। इसके परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को सीधे तौर पर निर्देशित किया है कि ऐसे सभी शिक्षकों को तत्काल अपनी मूल संस्था में उपस्थिति देने हेतु निर्देशित किया जाए।
​जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रायपुर का त्वरित एक्शन
​इस आदेश को धरातल पर उतारने के लिए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला-रायपुर ने एक अत्यंत कड़ा अनुवर्ती आदेश (पृ.क्रमांक/स्था./संलग्नीकरण/2026/2219) जारी किया है। इसके अंतर्गत:
​तत्काल कार्यमुक्ति: रायपुर जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपने विकासखंड के अंतर्गत संलग्नीकरण के तहत कार्यरत समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना के लिए तत्काल कार्यमुक्त करें।

संलग्नीकरण पर अंतिम प्रहार: बीआरसी, एबीईओ, एपीसी और सहायक संचालक बने शिक्षकों को भी लौटना होगा अपनी मूल शाला, आदेश जारी

रायपुर में शहरी यू आर सी सी से लेकर आरंग खंड स्त्रोत संलग्न

रायपुर में शहरी यू आर सी सी से लेकर खंड स्त्रोत समन्वयक कलेक्टर के आदेश से संलग्न हैं । इनमें से कोई भी प्रतिनियुक्ति में नहीं है।
​प्रमाण पत्र अनिवार्य: सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि वे कार्यमुक्ति की कार्रवाई करते हुए इस आशय का ‘परिशिष्ट अनुरूप प्रमाण पत्र’ अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर और पदमुद्रा सहित जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
​लापरवाही पर होगी कार्रवाई: शासन की मंशा साफ है कि यदि आदेश के बाद भी कोई शिक्षक दफ्तरों में बाबूगिरी करता पाया गया, तो संबंधित आहरण-संवितरण अधिकारी के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
​शिक्षकों में हड़कंप
​विभाग के इस कड़े रुख से उन रसूखदार शिक्षकों में हड़कंप मच गया है, जो राजनीतिक या प्रशासनिक पहुंच के चलते स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के बजाय जिला और विकासखंड मुख्यालयों के दफ्तरों से अपनी नौकरी चला रहे थे। दूसरी ओर, सरकार के इस फैसले का अभिभावकों और शिक्षाविदों ने पुरजोर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि शिक्षकों का मूल काम चॉक और डस्टर संभालकर बच्चों का भविष्य संवारना है। इस कड़े कदम से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जहाँ संलग्नीकरण के कारण लंबे समय से पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।

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